भारत दुनिया में हथियारों के बाजार में बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। पिछले 10 साल में भारत के हथियारों का निर्यात कई गुना बढ़ गया है। केंद्र सरकार भी रक्षा के बजट में ज्यादा से ज्यादा खर्च कर रही है। भारत अब हथियार खरीदने के लिए सस्ता लोन देने का भी ऑफर दे रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक हथियारों का निर्यात दोगुना कर दिया जाए। पिछले दिनों हुए ऑपरेशन सिंदूर ने ना केवल पाकिस्तान प्रायोजित पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है, बल्कि भारत की सशक्त सैन्य शक्ति का शानदार प्रदर्शन कर दुनिया को दिखा दिया है कि हम किसी से कम नहीं। चार दिनों तक चले इस ऑपरेशन ने भारत को स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रणालियों को प्रदर्शित करने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया। भारत ने रूसी, फ्रांसीसी, इजरायली के साथ ही कई स्वदेशी हथियारों और अपने सैन्य हार्डवेयर का इस्तेमाल किया। डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बने भारत के लिए ऑपरेशन सिंदूर विश्व में भारत निर्मित हथियारों का बड़ा प्रमोशन करने का अवसर भी साबित हुआ। ये भारतीय हथियार अब दुनियाभर में विशेषकर छोटे देशों में अधिक खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। ब्रह्मोस व पिनाका मिसाइलों से लेकर रडार और आर्टिलरी सिस्टम तक भारत में बने उपकरणों ने लाइव कॉम्बैट में खुद को साबित कर दिखाया है। पीएम मोदी के मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वल्र्ड के महामंत्र से भारत दुनिया का डिफेंस पावर हाउस बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। वहीं मोदी का विजन आत्मनिर्भर भारत अभियान लगातार पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में आकाश में गर्जना करते तेजस लड़ाकू विमान मेक इन इंडिया के सामथ्र्य का प्रमाण है। जहां पाकिस्तान की घेराबंदी करने वाली एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत ‘मेक इन इंडिया’ के विस्तार का जीवंत गवाह बना है। ऑपरेशन सिंदूर में मिली जीत के जरिए भारत के डिफेंस सेक्टर का परचम दुनियाभर में बुलंद होने के साथ ही कई देशों के लिए भी नया विकल्प और बेहतर अवसर बन रहा है।

