Saturday, August 8, 2026 |
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आर्थिक सुधारों से वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति हुई मजबूत : सरकार

by Business Remedies
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Economic Reforms Strengthen India's Global Standing And Improve Business Environment

New Delhi,

केंद्र सरकार ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में व्यापारिक नियामकीय वातावरण को बेहतर बनाने के लिए किए गए लगातार आर्थिक सुधारों के कारण वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है। सरकार द्वारा रविवार को जारी आधिकारिक तथ्य-पत्र के अनुसार, अनुपालन आधारित व्यवस्था से सुविधा आधारित प्रणाली की ओर बढ़ने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और कारोबार करने में सुगमता से जुड़े वैश्विक मानकों में भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से सुधरा है। सरकार के अनुसार, यह प्रगति विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आकलनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। विश्व बैंक की Doing Business Report 2020 में भारत की रैंकिंग वर्ष 2014 में 142वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2019 में 63वें स्थान पर पहुंच गई। केवल पांच वर्षों में 79 स्थानों की यह छलांग देश के व्यापारिक वातावरण में आए बड़े बदलाव को दर्शाती है।

इसी प्रकार IMD World Competitiveness Ranking 2025 में भी भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। यह रैंकिंग किसी देश के आर्थिक प्रदर्शन, सरकारी कार्यकुशलता, व्यापारिक दक्षता तथा आधारभूत संरचना के विकास को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। भारत की रैंकिंग वर्ष 2021 में 43वें स्थान से बढ़कर वर्ष 2025 में 41वें स्थान पर पहुंच गई। इससे स्पष्ट होता है कि देश में शासन व्यवस्था, डिजिटल सुधारों तथा नियामकीय प्रक्रियाओं में लगातार सुधार हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन का मूल्यांकन करने वाले विश्व बैंक के GovTech Maturity Index में भारत को वर्ष 2020, 2022 तथा 2025 में लगातार समूह-ए में स्थान मिला। यह श्रेणी उन देशों को दी जाती है जो सरकारी प्रणालियों, सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति, नागरिकों की डिजिटल भागीदारी तथा तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उन्नत और प्रभावी कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी E-Government Survey में भी भारत को उच्च समग्र अंक प्राप्त हुए हैं। ऑनलाइन सेवाओं के सूचकांक में भारत ने बहुत उच्च स्कोर हासिल किया है। दूरसंचार आधारभूत संरचना तथा मानव पूंजी सूचकांकों में भी देश का प्रदर्शन मजबूत रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार हुआ है और नागरिकों की तकनीक आधारित सरकारी सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनी है। सरकार का कहना है कि इन उपलब्धियों के पीछे नियमों को सरल बनाने, प्रक्रियाओं को तेज करने और व्यापारिक जीवनचक्र के विभिन्न चरणों में अनुपालन बोझ कम करने के प्रयास हैं। पंजीकरण, लॉजिस्टिक्स सहायता से लेकर दिवाला समाधान तक कई क्षेत्रों में सुधार लागू किए गए हैं, जिससे उद्यमियों के लिए कारोबार करना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है।

पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार ने व्यवसाय शुरू करने और उसे औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन उपायों से प्रक्रियागत बाधाएं कम हुई हैं तथा तकनीक आधारित, कागजरहित और तेज प्रणाली विकसित हुई है, जिससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ मिला है। तथ्य-पत्र में Startup India पहल का भी उल्लेख किया गया है। इस योजना का उद्देश्य भारत को नौकरी खोजने वालों के बजाय रोजगार सृजित करने वालों का देश बनाना है। इसके तहत बीज निधि, निधि कोष, निवेशक संपर्क पोर्टल तथा ऋण गारंटी योजना जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

वर्ष 2016 में केवल 502 स्टार्टअप को मान्यता प्राप्त थी और उन्होंने 308 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए थे। वहीं मार्च 2026 तक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 2.23लाख से अधिक हो गई है। इन स्टार्टअप ने 23.3लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराए हैं। यह वृद्धि देश में रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के विस्तार को दर्शाती है। विशेष बात यह है कि लगभग 48प्रतिशत स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार मौजूद है, जो बढ़ती समावेशिता का संकेत है। सरकार ने MCA21 Project को भी भारत के कॉरपोरेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित महत्वपूर्ण पहल बताया है। यह मंच कंपनियों और सीमित दायित्व भागीदारी संस्थाओं से जुड़ी पंजीकरण तथा स्थापना संबंधी सेवाओं के लिए उपयोग किया जाता है।

वर्ष 2021 से 2025 के बीच इस मंच पर लगभग 3.84करोड़ फाइलिंग दर्ज की गईं। इनमें से 3.33करोड़ फाइलिंग Straight Through Process के माध्यम से स्वीकृत हुईं। इससे प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम हुआ है, मानवीय हस्तक्षेप घटा है और व्यापारिक अनुपालन पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है। इसके अलावा जुलाई 2020 में शुरू किए गए Udyam Registration Portal का भी उल्लेख किया गया है। यह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए निःशुल्क, कागजरहित और स्व-घोषणा आधारित पंजीकरण प्रणाली प्रदान करता है। इस पोर्टल पर पंजीकरण की संख्या अक्टूबर 2020 में 10,020 से बढ़कर 5 June 2026 तक 8,58,000 से अधिक हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे छोटे उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है।



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