Charu Bhatia | बिजनेस रेमेडीज/Jaipur। निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर Jaipur के Metro MAS Hospital में एक प्रतिष्ठित Neurosurgeon के रूप में सेवाएं दे रहे Dr. Rinku Kumar Sharma दृढ़ संकल्प, उद्देश्य और पेशेवर नैतिकता का जीवंत उदाहरण हैं। सरकारी संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर और SMS Medical College जैसे प्रतिष्ठित केंद्रों में प्रशिक्षण लेने वाले Dr. Sharma का मार्ग केवल शैक्षणिक समर्पण से ही नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत क्षति से भी प्रभावित रहा, जिसने उन्हें Neurosurgery की दिशा में प्रेरित किया। आज वे उन्नत मस्तिष्क और रीढ़ उपचार के क्षेत्र में अग्रणी हैं और चिकित्सकीय सटीकता के साथ संवेदनशीलता का समन्वय करते हैं। इस विशेष बातचीत में Dr. Sharma ने अपने जीवन की यात्रा, उभरती चिकित्सा तकनीकों और बदलते रोगी देखभाल परिदृश्य पर विचार साझा किए।
प्रश्न: आप Jaipur के Metro MAS Hospital में एक प्रतिष्ठित Neurosurgeon हैं। अब तक की अपनी यात्रा को आप कैसे वर्णित करेंगे?
उत्तर: मेरी यात्रा संघर्ष और उद्देश्य से परिपूर्ण रही है। मैं Dausa से हूं और निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखता हूं। मेरी प्रारंभिक शिक्षा पूरी तरह सरकारी विद्यालयों में हुई, जहां संसाधन सीमित थे लेकिन सपनों की कोई कमी नहीं थी। वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद मैं Pre-Medical प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए Kota गया। पहले प्रयास में मैं सफल नहीं हो पाया, जो मेरे लिए विनम्र बनाने वाला अनुभव था। दृढ़ निश्चय के साथ मैंने पुन: तैयारी की और CLC, Sikar से मार्गदर्शन लेकर ऐसी रैंक प्राप्त की जिससे मुझे Surat के एक सरकारी Medical College में प्रवेश मिला।
MBBS पूर्ण करने के बाद मैंने Jaipur के SMS Medical College से Neurosurgery में MCh की डिग्री प्राप्त की और इसके पश्चात Durlabhji Hospital में विशेष प्रशिक्षण लिया। Neurosurgery को चुनने का निर्णय एक व्यक्तिगत घटना से प्रभावित था। वर्ष 2013 में MBBS के दौरान मेरे चाचा का सडक़ दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट लगने से निधन हो गया। जीवन की नाजुकता और मस्तिष्क आघात के विनाशकारी परिणामों को निकट से देखने का मुझ पर गहरा प्रभाव पड़ा। सिर और रीढ़ की चोटें अक्सर जीवन के लिए खतरा होती हैं, और मैंने ऐसे क्षेत्र में स्वयं को समर्पित करने का निर्णय लिया जहां समय पर उपचार जीवन और मृत्यु के बीच अंतर तय कर सकता है। प्रारंभिक वर्षों में मेरी रुचि Urosurgery और बाल चिकित्सा में भी थी, किंतु अंतत: Neurosurgery ही मेरा लक्ष्य बन गई। आज Metro MAS Hospital में सेवा देना मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
प्रश्न: अपनी प्रैक्टिस स्थापित करते समय आपको किन प्रारंभिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उत्तर: आर्थिक सीमाएं सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थीं। साधारण पृष्ठभूमि से आने के कारण चिकित्सा शिक्षा और उच्च विशेषज्ञता की पढ़ाई में काफी त्याग करना पड़ा। चिकित्सा क्षेत्र अत्यंत प्रतिस्पर्धी है और निरंतर अपनी क्षमता सिद्ध करनी पड़ती है। मैं पढ़ाई में ईमानदार था, लेकिन अपनी योग्यता को प्रस्तुत करने में हमेशा आत्मविश्वासी नहीं था। एक और बड़ी बाधा भाषा थी। Hindi माध्यम से पढ़ाई करने के बाद English आधारित चिकित्सा पाठ्यक्रम में स्वयं को ढालना कठिन था। चिकित्सा की पुस्तकें, शोध पत्र और परीक्षाएं मुख्यत: English में होती हैं। प्रारंभ में जटिल शब्दावली समझने में अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता था। लेकिन निरंतर अभ्यास और अनुशासित अध्ययन से मैंने इस चुनौती को पार किया। पीछे मुडक़र देखता हूं तो लगता है कि इन कठिनाइयों ने मेरी दृढ़ता को और मजबूत किया।
प्रश्न: डॉक्टर और रोगी के संबंधों में बदलाव दिखाई दे रहा है। आप इसे कैसे देखते हैं?
उत्तर: निश्चित रूप से बदलाव आया है। पहले रोगी अपने चिकित्सक पर पूर्ण विश्वास रखते थे। आज Digital माध्यमों के प्रसार के कारण कई रोगी डॉक्टर से मिलने से पहले या बाद में Internet से जानकारी लेते हैं। जागरूकता सशक्त बनाती है, लेकिन अधूरी या गलत जानकारी भ्रम और अविश्वास भी पैदा कर सकती है। कई बार रोगी केवल सावधानी के कारण नहीं, बल्कि असमंजस के कारण कई मत लेते हैं। हालांकि विश्वास दोतरफा जिम्मेदारी है। डॉक्टरों को पारदर्शिता, सहानुभूति और नैतिकता बनाए रखनी चाहिए। अस्पतालों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रोगियों को किसी प्रकार का शोषण महसूस न हो। जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, वह असहाय स्थिति में होता है। हमारा कर्तव्य केवल उपचार देना ही नहीं, बल्कि उसे मानसिक आश्वासन भी देना है।
प्रश्न: Neurosurgery के अंतर्गत क्या-क्या आता है और आजकल तंत्रिका संबंधी रोगों के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर: Neurosurgery मस्तिष्क, रीढ़ और परिधीय तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोगों का उपचार करती है। हम प्राय: सिर की चोट, रीढ़ की चोट, Stroke, रक्तस्राव, मस्तिष्क Tumor, Slip Disc और गर्दन की रीढ़ संबंधी विकारों का इलाज करते हैं। आपातकालीन मामलों में सडक़ दुर्घटनाओं से होने वाली मस्तिष्क चोटें प्रमुख हैं।
आज रीढ़ की कई समस्याएं जीवनशैली से जुड़ी हैं। बैठकर काम करने की आदत, गलत मुद्रा, व्यायाम की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन का उपयोग इसके प्रमुख कारण हैं। बच्चों और किशोरों में अत्यधिक स्क्रीन समय के कारण सिरदर्द की समस्या बढ़ रही है। मानव मस्तिष्क सीमित दृश्य उत्तेजनाओं के लिए विकसित हुआ है, जबकि Digital स्क्रीन लाखों रंगों और छवियों का प्रभाव डालती हैं, जिससे आंखों और तंत्रिका तंत्र पर दबाव बढ़ता है। Computer Vision Syndrome और तकनीक से जुड़े सिरदर्द के मामले बढ़ रहे हैं। जागरूकता और बचाव उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितना शल्य चिकित्सा।
प्रश्न: चिकित्सा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और Robotic तकनीक की बढ़ती भूमिका को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: Artificial Intelligence धीरे-धीरे स्वास्थ्य सेवाओं को बदल रही है। यह त्वरित निदान, शल्य योजना, आंकड़ों के विश्लेषण और अनुवर्ती निगरानी में सहायक है। Neurosurgery में Neuro Navigation प्रणाली हमें अत्यंत सटीकता से रोगग्रस्त हिस्से की पहचान करने में मदद करती है, जिससे स्वस्थ ऊतकों को कम से कम नुकसान होता है। Robotic सहायता और न्यूनतम आक्रामक तकनीकों ने शल्य जोखिम और Recovery समय को काफी कम किया है। हालांकि भारत में यह तकनीक अभी विकासशील अवस्था में है। तकनीकी प्रगति सटीकता और सुरक्षा बढ़ाती है, लेकिन उपचार की लागत भी बढ़ाती है। आने वाले वर्षों में नवाचार और वहनीयता के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होगा।
प्रश्न: मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी को लेकर कई भ्रांतियां हैं। सबसे आम मिथक कौन से हैं?
उत्तर: एक आम धारणा यह है कि Slip Disc के सभी मामलों में सर्जरी आवश्यक होती है। वास्तविकता यह है कि लगभग पांच प्रतिशत मामलों में ही ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। अधिकांश रोगी दवाओं, Physiotherapy और जीवनशैली सुधार से ठीक हो जाते हैं। सर्जरी तब की जाती है जब अन्य उपचार विफल हों या तंत्रिका संबंधी कमजोरी उत्पन्न हो।
मस्तिष्क Tumor को लेकर भी भय अधिक है। लोग लगातार सिरदर्द, दौरे या अन्य तंत्रिका लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। मस्तिष्क संकेत देता है कि कुछ गलत है। समय पर जांच जैसे MRI या CT Scan से रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं। देर से निदान स्थिति को जटिल बना देता है। आधुनिक Neurosurgery तकनीकें पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित हैं। जागरूकता अनावश्यक भय को दूर कर सकती है।
प्रश्न: सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में आपका क्या विचार है?
उत्तर: रोगी के दृष्टिकोण से सरकारी योजनाएं उपचार को अधिक सुलभ और किफायती बनाती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर वित्तीय बोझ कम होता है और यह सिद्धांत मजबूत होता है कि स्वास्थ्य सेवा मौलिक अधिकार है। हालांकि क्रियान्वयन की चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। हर स्तर पर समस्याएं हैं, जिन्हें सभी जानते हैं। यदि इनका प्रभावी समाधान किया जाए तो बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।
प्रश्न: अन्य राज्यों की तुलना में Rajasthan स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में कहां खड़ा है?
उत्तर: पिछले चार से पांच वर्षों में Rajasthan ने Neurosurgery और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। Gujarat और Delhi जैसे राज्य तेजी से आगे बढ़े हैं, लेकिन Rajasthan भी निरंतर अंतर कम कर रहा है। मेरा मानना है कि अगले पांच से छह वर्षों में विशेष रूप से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और गुणवत्ता आधारित देखभाल में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा। अब ध्यान संख्या से अधिक उत्कृष्टता पर केंद्रित हो रहा है।
प्रश्न: आघात की स्थिति में कौन-सा प्रोटोकॉल अपनाया जाना चाहिए और जागरूकता कैसे बढ़ाई जा सकती है?
उत्तर: गंभीर आघात, विशेषकर सिर की चोट के मामलों में Advanced Trauma Life Support प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक है। इसमें वायुमार्ग, श्वसन, रक्त संचार, तंत्रिका स्थिति और शारीरिक परीक्षण की क्रमबद्ध जांच की जाती है ताकि जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थितियों को प्राथमिकता दी जा सके। यदि विद्यालय स्तर पर बुनियादी आपातकालीन प्रशिक्षण शामिल किया जाए तो आम नागरिक भी दुर्घटना की स्थिति में प्रभावी सहायता प्रदान कर सकते हैं।
प्रश्न: युवा चिकित्सा अभ्यर्थियों के लिए आपका संदेश क्या है?
उत्तर: चिकित्सा क्षेत्र में ईमानदारी, अनुशासन और करुणा अनिवार्य हैं। मैं युवाओं से कहूंगा कि वे संख्या से अधिक गुणवत्ता और लाभ से अधिक जुनून को प्राथमिकता दें। जब कार्य निष्ठा और समर्पण से किया जाता है, तो पहचान स्वयं मिलती है। चिकित्सा में सच्ची संतुष्टि आर्थिक लाभ से नहीं, बल्कि उन जीवनों से मिलती है जिन्हें आप स्वस्थ कर पाते हैं और जिनमें आप आशा का संचार करते हैं।

