आज दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस मनाया जाएगा। बेटियों को बेटे के समान ही महत्व और सम्मान देने के उद्देश्य से यह दिन मनाना चाहिए। बेटियों को घर की लक्ष्मी कहा जाता है। जिस घर में बेटियां होती हैं, जहां हमेशा खुशियां रहती हैं। घर में चहल-पहल बनाए रखने वाली बेटियों की हंसी से पूरा घर गूंजता रहता है। हालांकि, आज भी कई जगह बेटियों को बेटों से कम आंका जाता है। आज भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो बेटी के जन्म पर खुश नहीं होते, क्योंकि उनका ऐसा मानना है कि बेटियां पराई होती हैं और बेटे वंश आगे बढ़ाने वाले होते हैं। इस रूढि़वादी विचारधारा के चलते आज ही कई जगहों पर कन्या भू्रण हत्या, बाल विवाह जैसे कृत्य किए जाते हैं। ऐसे में इस छोटी सोच से बेटियों को बचाने और उन्हें एक उज्जवल भविष्य देने के मकसद से हर साल सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस मनाया जाता है। हर साल सितंबर के चौथे रविवार को यह दिन मनाया जाता है। जहां परिवार के सदस्यों के साथ संबंध बनाए रखने में एक बेटी का महत्वपूर्ण किरदार है। जिस समाज में महिलाओं को पुरूष से कमतर माना जाता है, उस समाज में बदलाव लाने के लिए इस दिन की महत्वपूर्ण अहमियत है। बेटियों को समर्पित यह दिन उनकी तारीफ करने और उनको यह बताने के लिए मनाया जाता है कि वे कितनी खास हैं। यह दिन बेटियों के लिए जागरूकता बढ़ाने और समानता को प्रोत्साहित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दिन को मनाने का मतलब लोगों को जागरूक करना है कि लड़कियों को भी लडक़ों की तरह समान अधिकार और अवसर मिलने चाहिए।

