Friday, August 14, 2026 |
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दक्षिण कोरिया में Cybersecurity Breaches में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी

AI आधारित हमलों से बढ़ी चिंता

by Business Remedies
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Cybersecurity Breaches rising in South Korea amid AI based cyber attacks

सियोल,

दक्षिण कोरिया में वर्ष 2025 के दौरान Cybersecurity Breaches के मामलों में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार की ओर से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि हैकर अब Artificial Intelligence (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर अपने हमलों के तरीके लगातार विकसित कर रहे हैं, जिससे साइबर सुरक्षा के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। विज्ञान और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 2,383 साइबर सुरक्षा उल्लंघन दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2024 में इनकी संख्या 1,887 थी। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल ढांचे पर हमलों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

कुल मामलों में सर्वर में घुसपैठ के मामले 44.2 प्रतिशत रहे, जो सबसे अधिक थे। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस हमले 24.7 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दुर्भावनापूर्ण कोड, जिसमें रैनसमवेयर भी शामिल है, से जुड़े मामले कुल घुसपैठ का 14.9 प्रतिशत रहे। रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2025 के दौरान दक्षिण कोरिया में मोबाइल नेटवर्क और वित्तीय सेवाओं जैसे आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े प्लेटफॉर्म पर कई साइबर हमले हुए। इससे आम लोगों की निजी जानकारी और वित्तीय लेनदेन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। मंत्रालय के अनुसार अब हैकरों के निशाने का दायरा शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों तक फैल गया है। पहले जहां अनुसंधान, विनिर्माण और ऊर्जा संस्थान मुख्य लक्ष्य हुआ करते थे, वहीं अब स्कूल, विश्वविद्यालय और अस्पताल भी खतरे की जद में आ गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि AI आधारित ऑटोमेशन और समन्वित हमलों के कारण हैकिंग की तकनीक अधिक उन्नत और जटिल होती जा रही है। वर्ष 2026 में हैकर डीपफेक तकनीक का उपयोग कर भरोसे पर आधारित संचार माध्यमों, जैसे वर्चुअल बैठकों की वास्तविक समय की वॉयस कॉल, में भी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। इससे फर्जी आवाज और वीडियो के जरिए धोखाधड़ी की आशंका बढ़ सकती है। मंत्रालय ने यह चेतावनी भी दी कि हमलावर मौजूदा AI मॉडल को सीधे निशाना बना सकते हैं। वे चैटबॉट, विश्लेषण कार्यक्रम या सुरक्षा प्लेटफॉर्म में दुर्भावनापूर्ण जानकारी डालकर सिस्टम में खराबी या डेटा लीक की स्थिति पैदा कर सकते हैं।

सरकार ने व्यवसायिक संस्थानों से अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने का आग्रह किया है। साथ ही कहा गया है कि सरकार AI आधारित रोकथाम और प्रतिक्रिया कार्यक्रम संचालित करेगी तथा सुरक्षा की कमजोर कड़ियों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि एक विश्वसनीय साइबर वातावरण तैयार किया जा सके। इसी बीच, दक्षिण कोरिया की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने अनुमान लगाया है कि हाल ही में क्योवोन समूह पर हुए साइबर हमले में लगभग 9.6 मिलियन खातों पर प्रभाव पड़ा हो सकता है। क्योवोन समूह, जो एक स्थानीय शिक्षा सेवा प्रदाता है, ने इस महीने संभावित डेटा उल्लंघन की सूचना दी थी और रैनसमवेयर हमले के संकेत मिलने की बात स्वीकार की थी। सरकार की जांच टीम, जिसमें कोरिया इंटरनेट और सुरक्षा एजेंसी भी शामिल है, मामले की गहन जांच कर रही है।



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