मुंबई |भारत के प्रमुख उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड Crompton को वैश्विक स्वतंत्र मार्केट रिसर्च कंपनी Euromonitor International ने दुनिया का नंबर 1 सीलिंग फैन ब्रांड घोषित किया है। यह उपलब्धि Crompton को उन चुनिंदा भारतीय ब्रांडों की श्रेणी में खड़ा करती है, जिन्होंने न केवल घरेलू बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत पहचान बनाई है।
85 वर्षों से अधिक की विरासत के साथ Crompton ने भारतीय नवाचार, गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक बनकर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। देश के करोड़ों घरों में स्थापित इस ब्रांड ने प्रदर्शन, ऊर्जा दक्षता और डिज़ाइन के क्षेत्र में नए मानक तय किए हैं। मजबूत विनिर्माण ढांचा, उन्नत तकनीक और उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की गहरी समझ ने कंपनी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाया है।
कंपनी का कहना है कि यह उपलब्धि केवल बिक्री के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय ब्रांडों की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति का प्रमाण भी है। भारतीय बाजार में मजबूत पकड़ के साथ कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार किया है, जिससे उसकी वैश्विक स्थिति और सुदृढ़ हुई है।
इस अवसर पर Crompton के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री प्रोमीत घोष ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय उपभोक्ताओं के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि Crompton का नंबर 1 स्थान प्राप्त करना केवल श्रेणी नेतृत्व नहीं दर्शाता, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी प्रदर्शित करता है। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने परिवर्तनकारी चरण Crompton 2.0 के माध्यम से भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है और ‘मेड इन इंडिया’ की मजबूत नींव के साथ वैश्विक विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आगे कहा कि X-Tech और New Eclidius जैसे नवाचार प्लेटफॉर्म अगली पीढ़ी की पंखा तकनीकों को विकसित कर रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म भविष्य के लिए तैयार, विस्तार योग्य और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीकों को संभव बना रहे हैं। कंपनी का उद्देश्य केवल बाजार के बदलाव के साथ चलना नहीं, बल्कि इस श्रेणी के भविष्य को नई दिशा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू उपकरण क्षेत्र में भारतीय कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति से वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। Crompton की यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए, बल्कि भारतीय विनिर्माण और तकनीकी क्षमता के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।




