क्षमता विस्तार, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं, ऋण अदायगी और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति में उक्तराशि खर्च करेगी कंपनी
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। कोलकाता आधारित ‘कूल कैप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ 3 वर्ष में 5 गुना बिक्री और 3 गुना लाभ वृद्धि वाली देश की प्रमुख प्लास्टिक कैप निर्माता कंपनी है। वर्तमान बाजार भाव से लगभग 27.50 फ़ीसदी डिस्काउंट कीमतों पर कंपनी के राइट इश्यू में निवेशकों को निवेश करने का मौका मिल रहा है। कंपनी द्वारा राइट इश्यू के माध्यम से जुटाए गई पूंजी का क्षमता विस्तार, आधुनिकीकरण, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं, ऋण अदायगी और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति में उपयोग होगा। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के राइट इश्यू प्रोस्पेक्ट्स कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।
कारोबारी गतिविधियां: कूल कैप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड (सीसीआईएल) प्लास्टिक बोतल के कैप, क्लोजऱ, पीईटी प्रीफॉर्म, बोतलें, हैंडल, श्रींक फिल्म और फूड-ग्रेड आरपीईटी फ्लेक्स का निर्माण करने वाली लिस्टेड कंपनी है। कंपनी बेवरेज, एफएमसीजी, इंडस्ट्रीयल और कंज्यूमर पैकेजिंग क्षेत्रों की ज़रूरतों को पूरा करती है। 2015 में स्थापित, कूल कैप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पश्चिम बंगाल में एक विशिष्ट कैप निर्माता के रूप में शुरुआत की थी और तब से कंपनी एक मल्टी प्रोडक्ट पैकेजिंग समाधान प्रदाता के रूप में विकसित हुई है। अब कंपनी पूर्वी भारत की सबसे बड़ी वेवरेज पैकेजिंग निर्माता है। मार्च 2022 में, कंपनी 7.5 गुना ओवरसब्सक्राइब हुए आईपीओ के माध्यम से एनएसई इमर्ज पर सूचीबद्ध हुई, जो इसके विजऩ में निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। 3 वर्षों में कंपनी की 2 इकाईयों से 4 राज्यों में 7 इकाईयां हो गई है। उड़ीसा राज्य में कंपनी की इकाई स्थापित हो रही है।
वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 182 करोड़ रुपए का राजस्व और 6 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 153 करोड़ रुपए का कुल राजस्व और 4 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने २३८ करोड़ रुपए का राजस्व और 12 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि साल दर साल कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन अच्छा होता जा रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 4.42 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है।
आईपीओ से अब तक का सफर: मार्च 2022 में कंपनी का आईपीओ आया था जो कि 7.5 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने क्लोजर और प्रीफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में एक नई सुविधा शुरू की। कंपनी ने असम में 11 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन का अधिग्रहण किया और सैकमी क्लोजर, आईएसबीएम और ईबीएम प्रीफॉर्म/कंटेनर, और खाद्य-ग्रेड पीईटी रीसाइक्लिंग फ्लेक्स के लिए तीन इकाइयाँ शुरू कीं जो कि पूर्वोत्तर भारत में पहली फूड-ग्रेड आरपीईटी सुविधा है। कंपनी ने ओडिशा के खोरदा में 6.5 एकड़ ज़मीन हासिल की है और इसमें फरवरी 2026 से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होगा। कंपनी ने पैकेज्ड पानी से आगे बढक़र सीएसडी, जूस, सौंदर्य प्रसाधन, एफएमसीजी और यूटिलिटी पैकेजिंग में उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। कंपनी ने ग्राहक आधार बढ़ाया और पेप्सिको, इमामी, मैरिको, पार्लेएग्रो, बिसलेरी और रिलायंस जैसे ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा है।
राइट इश्यू के संबंध में जानकारी: राइट इश्यू में 70 रुपए प्रति शेयर के माध्यम से 2 रुपए फेसवैल्यू के शेयर जारी कर कंपनी 279.97 करोड रुपए जुटा रही है। राइट इश्यू में निवेश करने के लिए रिकॉर्ड डेट २3 सितम्बर 2025 है और आवेदन के लिए कंपनी का राइट इश्यू 30 सितम्बर, 2025 को खुलेगा। आवेदकों को एप्लीकेशन के समय 17.5 रुपए प्रति शेयर और बाद में निदेशक मंडल द्वारा तय समय पर 52.5 रुपए प्रति शेयर का भुगतान करना होगा। राइट इश्यू के बाद कंपनी मैनबोर्ड पर माइग्रेशन के लिए योग्यता हासिल कर लेगी। कंपनी के निदेशक मंडल के अनुसार राइट इश्यू से प्राप्त पूंजी से कंपनी स्थायित्व एवं कारोबारी वृद्धि का नया अध्याय लिखने में सक्षम होगी और दीर्घावधि में शेयर धारकों के लिए बड़ा मूल्य निर्माण करेगी।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।



