भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। Closing Bell के दौरान Nifty 23,550 के नीचे बंद हुआ, जबकि Sensex करीब 1,100 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। शेयर बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, धातु और तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में देखने को मिला। इन सभी क्षेत्रों के सूचकांक लगभग 2 प्रतिशत तक टूट गए। कारोबार के दौरान निवेशकों में सतर्कता बनी रही, जिसके चलते अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
आईटी क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी सेकोरियल सूचकांकों में कमजोरी दर्ज की गई। आईटी शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, लेकिन वह भी बाजार को संभालने में नाकाम रही। बड़े निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार का माहौल कमजोर बना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना गिरावट की मुख्य वजह रही। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई। दिन के अंत में Sensex करीब 1,100 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि Nifty 23,550 के नीचे फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।

