केंद्र सरकार नई-नई योजना लाकर व्यापारियों को राहत देने का निरंतर प्रयास कर रही है। गत दिनों ही भारत में FSSAI ने फूड लाइसेंस और टर्नओवर सीमा में बदलाव कर छोटे-बड़े दोनों खाद्य कारोबारियों को राहत दी है। अब लाइसेंस की मैक्स वैलिडिटी 5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। साथ में टर्नओवर सीमा 20 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपए की गई है। पहले लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन मैक्स 5 साल के लिए मिलता था। अब 10 साल तक ले सकते हैं। इससे व्यापारियों को कागजी झंझट से छुटकारा मिल सकेगा। दस वर्ष में एक बार ही रिन्यू कराना होगा। इससे छोटे-मझौले दुकानदारों, ढाबा, बेकरी वालों को सालाना 2000-7500 रुपए फीस तथा समय की बचत हो सकेगी। इसके तहत अब छोटे व्यापारियों, रेस्तरां और स्ट्रीट वेंडर्स को भारी-भरकम लाइसेंस फीस और दस्तावेजों की जगह सिर्फ एक सामान्य पंजीकरण प्रक्रिया के तहत छूट और लाभ मिल सकेगा। पहले 20 करोड़ तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को राज्य का लाइसेंस लेना पड़ता था। इससे मध्यम आकार के व्यापारियों को केंद्र सरकार की जटिलताओं से दूर राज्य स्तर पर ही तेजी से काम करने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में आसानी होगी। इन सुधारों के कारण व्यापार करने की सुगमता बढ़ेगी और छोटे व मध्यम स्तर के कारोबारियों का अनुपालन बोझ कम होगा। आने वाले समय में भी सरकार छोटे और मझौले उद्यमियों के लिए और योजनाएं लाकर उन्हें राहत देने के प्रयास में जुटी है।

