बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। केन्द्र सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गतदिवस आम बजट पेश किया। बजट पूरी तरह से विकासन्मुख कहा जा सकता है। सभी प्रावधानों एवं प्रस्तावों में जहां ‘हर हाथ को काम’ का संकल्प साकार होता हुआ दिखाई दे रहा है, वहीं ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का प्रभाव भी उजागर हो रहा है। आजादी के अमृत काल में प्रस्तुत यह बजट निश्चित ही अमृत बजट है। जिसमें भारत के आगामी 25 वर्षों के समग्र एवं बहुमुखी विकास को ध्यान में रखा गया है। केंद्र के बजट को लेकर औद्योगिक संस्थाओं के पदाधिकारियों और ज्वैलरी व्यवसाईयों से बिजनेस रेमेडीज ने जानी राय।
देश को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला बजट

डॉ. के. एल. जैन
केंद्र का बजट देश को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला बजट है। बजट के माध्यम से विकसित भारत 2047 के विकास की रूपरेखा व्यक्त की गई है। बजट में औद्योगिक संसाधन, सामाजिक संरचना, रोजगार में वृद्धि, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य, शहरी एवं ग्रामीण विकास, गरीब कल्याण, कृषि उत्पादन बढाने, स्कील डवलपमेंट की ओर से रोजगार वृद्वि पर बल, विभिन्न क्षेत्रों मे शोध और विकास,एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु प्रावधान किए गए है, जो स्वागत योग्य है। यह बजट देश की जीडीपी में वृद्धि करने वाला बजट है। रक्षा क्षेत्र पर 4.5 लाख करोड़ का प्रावधान किया जाना देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। वहीं जल के स्रोत को बढ़ाकर एवं उसके द्वारा परिवारों को स्वच्छ जल की उपलब्धता देश के लोगों के जीवन स्तर में सुधार होने की प्रबल संभावना व्यक्त की है। साथ ही नेशनल हाइवे निर्माण व देश के अनेक भागों में आधारभूत ढांचे को गति देने के लिए बजट के प्रावधान स्वागत योग्य है । इसके अलावा बजट में डिजीटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए गए है । देश में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने एवं मंदिरों के विकास के लिए फण्ड का विशेष अलॉटमेंट किया गया है जो सराहनीय है। इससे देश में देशी-विदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं राजस्व में वृद्धि भी होगी। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना में 3 करोड़ नए आवास निर्माण की घोषणा से काफी हद तक देश की जनता के लिए आवास की समस्या का निराकरण होगा।
-डॉ. के. एल. जैन, अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
सतत व समावेशी विकास की अवधारणा के अनुरूप है बजट

अशोक कजारिया
केंद्रीय बजट ने विकसित भारत के लिए नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए रोडमैप तैयार किया है। कौशल विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और एनर्जी ट्रांजिशन पर जोर दिया जाना सतत एवं समावेशी विकास की अवधारणा के अनुरूप है। एमएसएमई राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य का आधार है और किफायती वित्त तक पहुंच इस क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में से एक है। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, नवीन ऋण मूल्यांकन मॉडल, स्ट्रेस के समय के दौरान ऋण सहायता और टीआरईडीएस में शामिल होने की सीमा में कमी इस दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। इसके अलावा सोने व चांदी पर सीमा शुल्क को घटाकर छह प्रतिशत किए जाना स्वागत योग्य कदम है। इससे राज्य में आभूषण उद्योग की लागत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। एंजील टैक्स को खत्म करने से उद्यमिता व नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास में मदद मिलेगी। एनर्जी ट्रांजिशन, ग्रीन एनर्जी और सोलर सेल तथा पैनलों के स्थानीय निर्माण पर जोर दिए जाने से राज्य में नवीन अवसर उत्पन्न होंगे।
-अशोक कजारिया, अध्यक्ष, फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल और सीएमडी, कजारिया सिरेमिक्स लिमिटेड
स्किल डवलपमेंट के प्रयासों से नवीन रोजगार सृजन होंगे

डॉ.अरुण अग्रवाल
केंद्र के बजट में स्कील डवलपमेंट के लिए किए गए प्रयासों से नवीन रोजगार सृजन होंगे एवं बेरोजगारी की समस्या का निराकरण होगा। साथ ही 1 हजार स्किल टेनिंग इंस्टीटयूट खुलेंगे एवं उच्च शिक्षा हेतु ऋण के लिए ई-वाउचर जारी किए जाएंगे, इससे देश में शैक्षणिक माहौल सुदृढ़ होगा। इसके अलावा बजट में क्रेडिट गारंटी स्कीम, गारंटी फ्री लोन, मुद्रा लोन, व स्वनिधि योजना साथ ही स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन के लिए प्रयास स्वागतयोग्य है। कृषि को बढ़ावा देने हेतु अनेक प्रयास जिसमें कृषि अनुसंधान, भंडारण, एवं विक्रय केन्द्रों की बनाए जाने की घोषणा से निश्चित रूप से कृषि की आय में वृद्धि करेगी तथा गांव में लोगों की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी व पलायन रुकेगा। आमजन को आयकर में राहत प्रदान करना भी सराहनीय कदम है। इसके साथ ही सोना-चांदी एवं प्लेटिनम पर सीमा शुल्क में कमी की घोषणा, स्टार्ट अप के लिए एंजील टैक्स की समाप्ति तथा मध्य वर्ग को कैपिटल गेन टैक्स में छूट भी राहत भरा कदम है। वेतनभोगियों के लिऐ स्टैण्डर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 75 हजार रुपए करने से आयकर में कुछ राहत मिल सकेगी और क्रय शक्ति भी बढ़ेगी। बजट में कर सरलीकरण एवं डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया गया है, जो स्वागत योग्य कदम है।
-डॉ.अरुण अग्रवाल, मानद् महासचिव, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
बजट में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों से पूंजी बाजार पर पड़ेगा असर

सौरभ राठी
केंद्र के बजट में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों के कारण पूंजी बाजार पर गिरावट का सामना हो सकता है। बायबैक राशि से हुए लाभ पर टैक्स लगाने की घोषणा, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (एलटीसीजी) पर कर दर 10 से 12.5 फीसदी तक बढ़ाई गई है और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (एसटीसीजी) पर कर दर को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने से, निवेशकों के लाभ को कम कर सकता है। इसके अलावा फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सेक्यूरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) को 0.01 से 0.02 फीसदी तक बढ़ाने से ट्रेडर्स के लिए सौदे की लागत में वृद्धि होगी। इसके अलावा, जनता को व्यक्तिगत आय कर दरों में दी गई छूटों का लाभ मिल रहा है, जबकि व्यक्तियों को 50,000 से 75,000 तक स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ होगा। साथ ही सरकार अपनी राजस्व में सुधार के लिए अच्छे स्थिति में है, जिससे देश की घाटा साल दर साल कम होता जा रहा है, जो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से अच्छा है। देश वर्तमान में बहुत अच्छे स्थान पर है। निवेशकों के लिए म्यूच्यूअल फंड के एसआईपी (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) बेहतरीन विकल्प है।
-सौरभ राठी, डायरेक्टर, सुरेश राठी ग्रुप
विकासोन्मुखी एवं संतुलित बजट

दिग्विजय ढाबरिया
पीएचडी चैम्बर के राजस्थान इकाई के अध्यक्ष दिग्विजय ढाबरिया ने केंद्रीय बजट 2024-25 की सराहना करते हुए इसे विकासोन्मुखी एवं संतुलित बजट बताया, जो विकसित भारत के उद्देश्य प्राप्ति के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की उद्योग जगत लम्बे समय से मांग कर रहा था एवं इस बजट में इससे संबंधित तीन योजनाओं की घोषणा श्रमिकों एवं उद्यमीयों के लिए लाभकारी होंगी एवं इससे निर्माण के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। वहीं कृषि क्षेत्र में अनुसंधान आधारित उत्पादनता बढ़ाने एवं जलवायु अनुकूल किस्मों को बढ़ावा देने हेतु घोषणाएं किसानों की आय बढ़ाएगी एवं कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहित करेगी। इसी प्रकार एमएसएमई एवं निर्माण क्षेत्र के सतत विकास के लिए घोषित क्रेडिट गारंटी स्कीम, मुद्रा लोन की सीमा में बढ़ोतरी, उद्योगों को बुरे वक्त में अधिक ऋण की सुविधा, 12 नए औद्योगिक पार्कों के निर्माण की घोषणा, श्रमिकों के लिए किराये के आवासों की पीपीपी मॉडल के तहत एवं वीजीएफ सहयोग के साथ निर्माण की घोषणा एवं नवाचार एमएसएमई एवं निर्माण क्षेत्र को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होंगे। ढाबरिया ने एंजेल टैक्स हटाने का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि सरकार दीर्घकालिक लाभ पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत टैक्स की घोषणा पर पुन:विचार करते हुए यथास्थिति बनाये रखेगी। सोलर सैल्स व पैनल आदि पर कस्टम ड्यूटी पर छूट से राज्य में सोलर कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा
-दिग्विजय ढाबरिया, अध्यक्ष, पीएचडी चैम्बर
सोने-चांदी पर सीमा शुल्क कम करने से ज्वैलरी मार्केट में काफी फर्क आएगा

नीरज लुणावत
केंद्र के बजट में सोने-चांदी पर सीमा शुल्क 15 से घटाकर 6 फीसदी कर देने से ज्वैलरी मार्केट में काफी असर पड़ेगा। पहले जहां लगातार सोने की प्राइज बढ़ रही थी, अब कीमतों में अंकुश लग सकेगा। चौमासा निकल जाने के बाद शादी-विवाह का सीजन शुरू होता है। आने वाले शादी विवाहों के लिए ग्राहक अब बेहिचक सोने की खरीददारी कर सकेंगे। इस बजट में केंद्र सरकार ने यह सराहनीय कदम उठाया है। इससे मार्केट में सकारत्मकता आएगी और सोने की तस्करी पर रोक लग सकेगी। इसके अलावा सोने की कीमतों में भारत व अंतरराष्ट्रीय दरों में ज्यादा फर्क नहीं रहेगा।
-नीरज लुणावत, मानद् सचिव, ज्वैलर्स एसोसिएशन, जयपुर
युवा और एमएसएमई को समर्पित है बजट

सुरेश अग्रवाल
फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि यह बजट युवा और एमएसएमई के लिए समर्पित है। फोर्टी द्वारा इंडस्ट्रियल पार्कों की मांग को बजट में सम्मिलित किए जाने पर केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बहुत-बहुत आभार। उन्होंने कहा कि इस बजट में एमएसएमई के लिए नया वैल्यूएशन मॉडल, 100 करोड़ तक ऋण के लिए गारंटी योजना, एमएसएमई के लिए नया वैल्यूएशन मॉडल, मुद्रा ऋण का दायरा 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपए करना। एक करोड़ युवाओं को 500 कंपनियों में इंटर्नशिप का अवसर और 6 हजार रुपये एकमुश्त और प्रतिमाह 5,000 भत्ता जैसा कदम युवाओं में कौशल विकास करेगा और स्वावलंबी बनाने में मददगार साबित होगा। एमएसएमई क्लस्टर स्तर पर सिडबी की शाखाएं खोलना, ई कॉमर्स निर्यात केंद्रों की स्थापना किए जाने जैसे कदम सराहनीय है।
-सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहन बेहतर कदम

सुरजाराम मील
फोर्टी संरक्षक सुरजाराम मील का कहना है कि केंद्रीय बजट में कृषि के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ अनुसंधान, उच्च पैदावार वाली नई फसलें, कृषि क्षेत्र में डीपीआई के माध्यम से डिजिटलाइजेशन, कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहन बेहतर कदम है। इससे देश में कृषि उत्पादन बढ़ेगा। इसके साथ किसानों को पेस्टीसाइड के उचित उपयोग के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए, जिससे मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में परेशानी नहीं होगी।
-सुरजाराम मील, संरक्षक, फोर्टी
कॉरपोरेट टैक्स 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत किया जाना सराहनीय

गिरधारी लाल खंडेलवाल
फोर्टी मुख्य सचिव गिरधारी लाल खंडेलवाल का कहना है कि सरकार द्वारा रिसर्च एंड डेवलपमेंट में 1 लाख करोड़ के वित्तीय पुल की घोषणा किया जाना सराहनीय है, जिससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। सोने तथा चांदी पर सीमा शुल्क को 6 प्रतिशत घटाने से ग्राहकों को सस्ती दरों पर आभूषण खरीदने का अवसर मिलेगा। आभूषण उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक निवेश आकर्षित होगा। आभूषण निर्माण उद्योग में वृद्धि से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस प्रकार सोने चांदी और प्लैटिनम पर कस्टम ड्यूटी में कटौती से समग्र रूप से भारतीय आभूषण उद्योग को व्यापार लाभ होंगे। देश के विकास के लिए एवं विदेशी मुद्रा को आकर्षित करने के लिए विदेशी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत किया जाना सराहनीय कदम है।
-गिरधारी लाल खंडेलवाल, मुख्य सचिव, फोर्टी
देश के आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका बढ़ाना सराहनीय

नीलम मित्तल
बीएनआई डायरेक्टर नीलम मित्तल का कहना है कामगारों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कामकाजी महिला हॉस्टलों और शिशु ग्रहों की स्थापना तथा महिला विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण का आयोजन किया जाना अच्छा कदम है। उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक के ऋण की घोषणा, महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया जाना सराहनीय है। बजट देश के आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत है।
-नीलम मित्तल, डायरेक्टर, बीएनआई
बजट संतुलित एवं विकास उन्मुख

एम.एल. लूणावत
उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अध्यक्ष एम.एल. लूणावत ने प्रस्तुत बजट को उद्योग और व्यापार के लिये विकासोन्मुख बताते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया है। एम.एल. लूणावत ने बताया कि सरकार ने बजट राशि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास हेतु पूंजीगत व्यय के लिए बड़ी बजट राशि निर्धारित की है। इस प्रकार सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के माध्यम से औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रोजगार सृजन पर जोर दिया है। प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वित होने से उद्योग और व्यवसाय को बढावा मिलेगा और एफडीआई में भी भारी वृद्धि होने की सम्भावना है। भारतीय संघ बजट 2024 ने विभिन्न उद्योगों को लक्षित करने वाले कई प्रभावशाली उपाय पेश किए हैं। यहाँ कुछ प्रमुख बिंदु दिए गए हैं।
एम.एल. लूणावत, अध्यक्ष, उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री
शिक्षा के लिए पिछले बजट से 32 प्रतिशत ज्यादा

नितिन विजय
भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में मदद के लिए शिक्षा में निवेश बढ़ाया गया है। वित्त मंत्री ने शिक्षा के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। यह पिछले बजट से 32 प्रतिशत ज्यादा है। बजट में नौकरियों और स्किल ट्रेनिंग से जुड़ी 5 स्कीम्स का ऐलान किया है। एक करोड़ युवाओं को 5 साल में स्किल्ड किया जाएगा। एक हजार इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स-आईटीआई अपग्रेड किए जाएंगे। हायर एजुकेशन के लिए एक लाख स्टूडेंट्स को 10 लाख तक का लोन देने जैसी घोषणाएं भी स्वागत योग्य है।
-नितिन विजय, संस्थापक और सीईओ, मोशन एजुकेशन, कोटा
कृषि, किसान और कृषि विपणन के लिये बजट अच्छा

बाबूलाल गुप्ता
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में कृषि उत्पादन एवं कृषि जिन्सों विशेषकर तिलहन तथा दलहन में आत्मनिर्भरता होने की बात कही गयी है। तिलहन में मस्टर्ड, सोयाबीन, मूंगफली, सनफ्लावर, सीसम को इंगित किया गया है। तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिये उसकी यील्ड बढ़ाने की लिये नई किस्में ईजाद की जावेगी। ३२ फसलों की १०९ किस्में लायी जायेगी। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ेगा तथा किसान की आय बढ़ेगी। देश में देश का तेल काम आयेगा, जिससे बाजार को अधिक फोरेन मनी खर्च कर तेल आयत नहीं करना पड़ेगा तथा यही स्थिति दालों की भी रहेगी। कृषि, किसान और कृषि जिन्सों के उत्पादन, भण्डारण तथा विपणन के लिये बजट अच्छा है।
बाबूलाल गुप्ता, अध्यक्ष, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ
एक करोड़ घरों पर सोलर से बिजली बनाने का प्रस्ताव सराहनीय

विकास जैन
इन्सोलेशन एनर्जी लिमिटेड (आईएनए सोलर) के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास जैन ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के द्वारा 1 करोड़ घरों पर सोलर से बिजली बनाने का प्रस्ताव देश के लिए ग्रीन एनर्जी की आत्मनिर्भरता की तरफ मजबूत कदम साबित होगा। इससे देश में लगभग 30 गीगावाट सोलर पैनल की आवश्यकता होगी। इस उत्पादन से देश में नए रोजगार पैदा होंगे।
-विकास जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्सोलेशन एनर्जी लिमिटेड (आईएनए सोलर)

