नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | केंद्रीय मंत्री Dr. Jitendra Singh ने बुधवार को कहा कि BRICS Space Economy वैश्विक विकास का अगला बड़ा क्षेत्र बन सकती है। उन्होंने BRICS सदस्य देशों से नवाचार, निवेश, उद्यमिता और सतत विकास के नए अवसरों को खोलने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। Bengaluru में आयोजित BRICS Space Agencies के प्रमुखों (HOSA) की बैठक को संबोधित करते हुए Dr. Jitendra Singh ने कहा कि BRICS देशों के पास वह आकार, वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी ताकत और औद्योगिक संसाधन मौजूद हैं, जिनके बल पर वे तेजी से बढ़ रही वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में एक बड़ी शक्ति बन सकते हैं।
उन्होंने कहा, “भविष्य की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था उन देशों से नहीं बनेगी जो अलग-अलग काम करेंगे। यह साझेदारी, साझा नवाचार और सामूहिक महत्वाकांक्षा के माध्यम से आकार लेगी। BRICS देशों में इस उभरते वैश्विक अंतरिक्ष तंत्र का एक मजबूत स्तंभ बनने की क्षमता है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सभी BRICS साझेदार देशों के साथ मिलकर साझा लक्ष्यों को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को विकास, मजबूती, नवाचार, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रभावी माध्यम बनाए रखने के लिए भारत लगातार सहयोग बढ़ाएगा।
भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 के तहत ISRO द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में Brazil, China, Egypt, Ethiopia, Indonesia, Iran, Russia, South Africa और United Arab Emirates (UAE) की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में BRICS देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में अंतरिक्ष क्षेत्र की स्थिरता, अंतरिक्ष मलबे से मुक्त मिशन, BRICS Remote Sensing Satellite Constellation को मजबूत बनाने, नए BRICS सदस्य देशों की भागीदारी बढ़ाने और प्रस्तावित BRICS Space Council पर आगे की चर्चा जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
Dr. Jitendra Singh ने आगे कहा कि अंतरिक्ष तकनीक आज आर्थिक परिवर्तन और सामाजिक प्रगति की सबसे प्रभावशाली ताकतों में से एक बन चुकी है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष तकनीक की मदद से Communication Networks, Navigation Systems, Disaster Management, Agriculture, Healthcare Services, Education और Environmental Monitoring जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिल रही है। BRICS की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यह समूह दुनिया की बड़ी आबादी, आर्थिक क्षमता, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और तकनीकी संसाधनों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के बीच गहरा सहयोग नवाचार, औद्योगिक साझेदारी, तकनीकी हस्तांतरण, निवेश और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर सकता है। साथ ही यह सदस्य देशों की साझा विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

