मुंबई: बाबा कल्याणी के नेतृत्व वाली भारत फोर्ज ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपने एकीकृत शुद्ध मुनाफे में17.4प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में ₹.233.44 करोड़ का कर पश्चात लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹.282.62करोड़ था।
हालांकि, कंपनी की परिचालन आय में मजबूत बढ़त देखने को मिली। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में परिचालन से आय 17.53 प्रतिशत बढ़कर ₹.4,528.04 करोड़ पहुंच गई, जो एक साल पहले समान अवधि में ₹.3,852.6 करोड़ थी। कंपनी को यह बढ़त प्रमुख कारोबार खंडों में बेहतर प्रदर्शन के कारण मिली। कंपनी की परिचालन कमाई यानी EBITDA भी14.21प्रतिशत बढ़कर ₹.778 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹.681करोड़ थी। EBITDA Margin मामूली बढ़कर 17.81 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 17.68 प्रतिशत था।
भारत फोर्ज के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹.2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹.6.50 के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद 14 August,2026 या उसके बाद इसका भुगतान किया जाएगा। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बाबा कल्याणी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी को ₹.4,814 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जिनमें ₹.2,816 करोड़ के रक्षा क्षेत्र के अनुबंध शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि सीडीपी भारत फोर्ज के इस्पात कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसे Calendar Year2027 के अंत तक पूरा करने की उम्मीद है। साथ ही प्रबंधन यूरोप में वैकल्पिक कारोबारी अवसरों पर भी काम कर रहा है ताकि सीमित विनिर्माण ढांचे का बेहतर उपयोग किया जा सके। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर बाजार में निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। National Stock Exchange पर दोपहर करीब 2:42बजे भारत फोर्ज का शेयर 4.33 प्रतिशत बढ़कर ₹.1,954 पर पहुंच गया।

