बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। कर सलाहकार संघ जयपुर और राजस्थान कर सलाहकार संघ की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रखर टेक्सकॉन-2024 का आयोजन किया गया। राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने मुख्य अतिथि के तौर पर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। भारतीय सीए संस्थान के पूर्व अध्यक्ष सीए सुनील गोयल ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। कॉन्फ्रेंस में चेयरमैन ओपी अग्रवाल, टीसीए अध्यक्ष सीए शैलेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष पवन गोयल, आरटीसीए अध्यक्ष विनय जौली, महासचिव रतन गोयल के साथ प्रदेशभर के कर सलाहकारों ने भाग लिया। जस्टिस अनूप ढंड ने कहा कि बार और बेंच दोनों ही देश की धरोहर हैं, देश की मजबूती के लिए इनका सुदृढ़ होना जरूरी है। सीए सुनील गोयल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में कर सलाहकारों का विशेष योगदान है। सरकार भी बजट के साथ कर और अन्य आर्थिक योजनाओं में कर सलाहकारों के सुझावों को गंभीरता से लेती है। यदि सरकार आयकर की सीमा 7 लाख कर दे तो इससे संबंधित विवादों में कमी आ सकती है। सीए ओपी अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम के दौर में नए प्रोफेशनल्स को नियमित अध्ययन जरूरी है। सीए शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस कर सलाहकारों के लिए बेहद उपयोगी रही। इसमें कई नए और जटिल प्रावधानों पर देश के जाने- माने विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला और सवाल-जवाब के माध्यम से शंकाओं को दूर किया गया। इनमें दिल्ली के एडवोकेट कपिल गोयल ने इनकम टैक्स नोटिस और नए कानूनी प्रावधानों पर, अमृतसर की सीए आंचल कपूर जीएसटी के नए प्रावधानों पर, कोलकाता के सीए देवाशीष मित्रा नए कंपनी टैक्स और ऑडिट पर व्याख्यान दिया। आखिरी सत्र में अजमेर के सीए आलोक सेठी ने टैक्स प्रोफेशन के बीच एआई पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सभी विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन, फेसलेस, आईटी और एआई के इस दौर में कर सलाहकारों के लिए कानून और कर प्रावधानों का गहन अध्ययन करना जरूरी है। अब सामान्य व्यवहार आपसी सम्बन्धों से टैक्स प्रोफेशनल्स का काम नहीं चल सकता।

