Tuesday, June 30, 2026 |
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देश में बढ़ते हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग का लाभ उठाकर आगे बढऩे वाली कंपनी है ‘Aprameya Engineering Limited’

by Business Remedies
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Aprameya Engineering Limited
  • वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का प्रदर्शन रहा शानदार
  • राजस्व में 108 फीसदी और कर पश्चात शुद्ध लाभ में 364 फीसदी की वृद्धि

बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। Aprameya Engineering Limited कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थिसियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री जैसी विशिष्टताओं के लिए हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में माहिर है।
कंपनी द्वारा हाल ही में वित्त वर्ष 2025 के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए गए हैं। इस अवधि में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के साथ वित्तीय प्रदर्शन, कारोबारी विस्तार, इंडस्ट्री डायनॉमिक्स एवं आईपीओ के मायने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।

कारोबारी गतिविधियां
अप्रमेय इंजीनियरिंग लिमिटेड कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थिसियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री जैसी विशिष्टताओं के लिए हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में माहिर है। कंपनी मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी), आईसीयू, एनआईसीयू, सीसीयू, स्वास्थ्य देखभाल परियोजनाओं और चिकित्सा उपकरणों के लिए टर्नकी समाधान प्रदान करती है।

वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर 108त्न की वृद्धि हुई और यह 1,363 मिलियन रुपए हो गया, जो उच्च-मूल्य, उच्च-मार्जिन टर्नकी परियोजनाओं की बढ़ती हिस्सेदारी के कारण हुआ, जिसने कुल राजस्व में लगभग 92 फीसदी का योगदान दिया ( जो वित्त वर्ष 24 में 72 फीसदी से ऊपर था), साथ ही सेवा और सीएएमसी समाधानों से वृद्धिशील राजस्व ने भी सहयोग दिया।
– कंपनी के ये आवर्ती राजस्व 3 वर्ष की सामान्य वारंटी अवधि के बाद शुरू होते हैं और इनके अधिक टर्नकी और उपकरण ऑर्डर निष्पादित होने के साथ बढऩे की उम्मीद है।
– कंपनी का ईबिटा सालाना आधार पर 267 फीसदी बढक़र 250 मिलियन रुपए हो गया, जिसमें मार्जिन में सालाना आधार पर 795 आधार अंक का सुधार हुआ और यह 18 फीसदी हो गया।
– कंपनी का कर पश्चात शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 364 फीसदी बढक़र 161 मिलियन से बढक़र 1,363 मिलियन रुपए हो गया। कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन में 653 आधार अंक की वृद्धि के साथ यह 12 फीसदी तक पहुंच गया।

 

कारोबारी विस्तार
कंपनी कई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए बिहार, दमन, उत्तराखंड, असम और छत्तीसगढ़ में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है। कंपनी आयुष्मान भारत, एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) और पीएम-एबीएचआईएम जैसी प्रमुख सरकारी पहलों के साथ जुड़ी हुई है, जो भारत के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
– 2025-2026 के लिए भारत सरकार का बजट इस गति को और मजबूत करता है, जिसमें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। विशेष रूप से, इस बजट का 38.79 फीसदी हिस्सा एनएचएम के लिए रखा गया है, जो देशभर में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देता है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 136.3 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है।
– कंपनी की 600 मिलियन रुपए की अच्छी ऑर्डर बुक है अगले 5-6 महीनों में निष्पादन योग्य है।
– कंपनी गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के मौजूदा राज्यों और महाराष्ट्र (वित्त वर्ष 25 में प्रवेश) जैसे नए राज्यों में उपस्थिति का विस्तार कर रही है। कंपनी की बिहार, दमन, सिक्किम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों में प्रवेश करने की योजना है।
– मोबाइल सीटी स्कैन, मोबाइल स्ट्रोक यूनिट (एमएसयू), ईपी लैब (स्मार्ट एब्लेट, कार्टो 3 और 2डी ईपी ट्रेसर), एसएसआई मंत्रा – सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम जैसे अभिनव उत्पादों और एकीकृत समाधानों पर निरंतर ध्यान केंद्रित करना, जो हमें बाजार में अपनी पेशकशों को अलग करने में मदद करते हैं।

इंडस्ट्री डायनामिक्स
हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर इडस्ट्री की मांग-आपूर्ति में महत्वपूर्ण अंतर है। भारत में 2 मिलियन अस्पताल बेड हैं, जो डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुशंसित 4.9 मिलियन से काफी कम है। भारत में प्रति 1,000 लोगों पर 1.3 हॉस्पिटल बेड हैं, जबकि वैश्विक औसत प्रति 1,000 पर 2.9 हॉस्पिटल बेड है। सूचीबद्ध अस्पताल श्रृंखलाएं वित्त वर्ष 24-27 के दौरान क्षमता में 32 फीसदी की वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। टियर 2 और 3 शहरों में कम सेवा एवं स्थानीय बुनियादी ढांचे की कमी के कारण मरीज मेट्रो अस्पतालों की ओर पलायन कर रहे हैं। सरकार 2025 में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय को सकल घरेलू उत्पाद के 1.6 फीसदी से बढ़ाकर 2.5 फीसदी करने की योजना पर सक्रियता से कार्य कर रही है। मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए 3 मिलियन से अधिक अतिरिक्त हॉस्पिटल बेड की आवश्यकता है। स्मार्ट अस्पतालों, मॉड्यूलर ओटी और एआई-आधारित चिकित्सा तकनीक में निवेश में वृद्धि हो रही है। बढ़ती सामथ्र्य और बीमा पैठ के कारण टियर 2/3 शहरों में हॉस्पिटल्स श्रृंखलाओं का विस्तार हो रहा है।

13 नए ग्रीनफील्ड प्लांट आत्मनिर्भर स्वास्थ्य सेवा विनिर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं वैश्विक आरएंडडी प्रवाह बढ़ रहा है। जैसे उदाहरण के लिए, सीमेंस हेल्थिनियर्स का बैंगलोर आरएंडडी केंद्र। उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि देश में हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री बहुत तेजी से गति कर रही है और सरकार का भी इसे पूर्ण सहयोग मिल रहा है। इस स्थिति का मध्यम से दीर्घावधि में ‘अप्रमेय इंजीनियरिंग लिमिटेड’ को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।

वित्त वर्ष 25 के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के अध्यक्ष और संयुक्तप्रबंध निदेशक सौरभ भट्ट ने कहा कि “पिछला वर्ष अप्रमेय इंजीनियरिंग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि अगस्त 2024 में एनएसई इमर्ज पर हमारी सफल लिस्टिंग हुई। हमने हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की बढ़ती मांग के कारण मजबूत राजस्व और मार्जिन वृद्धि भी दर्ज की। महाराष्ट्र में विस्तार करने के बाद, अब हम अन्य राज्यों में भी आगे बढऩे की योजना बना रहे हैं। हम भारत में हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के साथ अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र जो अभी भी काफी कम पहुंच वाला है और निरंतर विकास के लिए मजबूत अवसर प्रस्तुत करता है। वर्ष के दौरान, हमने महाराष्ट्र में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान निदेशालय के 146 करोड़ रुपए के ऑर्डर के साथ प्रवेश किया, जिसमें से 112.5 करोड़ रुपए का ऑर्डर वित्त वर्ष 25 में निष्पादित किया गया। गुजरात में, हमने सूरत, वलसाड, जूनागढ़ और राजकोट में मेडिकल कॉलेजों में 30 मॉड्यूलर ओटी बनाने के लिए एक पीआईयू ऑर्डर हासिल किया। राजस्थान में, हमें 3 साल की वारंटी के बाद स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, जयपुर से 63 लाख रुपए का सीएएमसी मिला। हमारी वर्तमान ऑर्डर बुक 60 करोड़ रुपए की है, जिसे अगले 5-6 महीनों में निष्पादित किया जा सकता है, जिसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में प्रोजेक्ट शामिल हैं। आगे बढ़ते हुए, हम ऐसे अभिनव और एकीकृत समाधान पेश करने का लक्ष्य रखते हैं जो हमें दूसरों से अलग बनाएंगे। साथ ही, हम महाराष्ट्र में अपनी उपस्थिति को और बढ़ाने तथा बिहार, दमन, उत्तराखंड, असम और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों में विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, जो भारत के अधिक भागों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचा लाने का हमारा लक्ष्य है।”



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