बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान ने हाल ही में पांच दिवसीय इनोवेशन, डिजाइन और उद्यमिता (आईडीई) बूट कैंप की सफलतापूर्वक मेजबानी की।
एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कैंप का उद्देश्य इनोवेशन और उद्यमशीलता की सोच को बढ़ावा देने में छात्रों और शोधकर्ताओं के कौशल को बढ़ाना था। विभिन्न राज्यों के छात्र इनोवेटर्स, फैकल्टी और शिक्षाविदों सहित 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षा और उद्यमिता पर आधारित सत्र शामिल थे। एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन ने प्रतिभागियों को उद्यमिता को अपनाने और नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर जी.के. आसेरी ने कहा देश में उद्यमशीलता की संस्कृति को ब?ावा देने के लिए इस तरह की महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनना गर्व की बात है। शिविर में 15 इंटरेक्टिव सत्र, पैनल चर्चा, इंडस्ट्रियल विजिट, प्रजटेंशन, प्रश्नोत्तरी, मॉडल प्रदर्शनी, दर्शनीय स्थल, ट्रेकिंग और सांस्कृतिक संध्या शामिल थी। अंतिम दिन, प्रतिभागियों ने प्रजटेंशन के माध्यम से अपने अभिनव विचारों का प्रदर्शन किया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किये गये। एमिटी इनोवेशन इनक्यूबेटर की डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर मंजू कौशिक ने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की। शिविर ने छात्रों और शिक्षकों के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया, जिससे उन्हें नवाचार और उद्यमिता को अपनाने के लिए प्रेरणा मिली।

