बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित अमीर चंद जगदीश कुमार (एक्सपोर्ट्स) लिमिटेड विभिन्न प्रकार के चावल और एफएमसीजी उत्पादों के प्रसंस्करण और निर्यात क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। कंपनी अपनी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बीएसई और एनएसई मेनबोर्ड पर आईपीओ ला रही है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्टस के आधार पर इसकी कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण किया है।
कारोबारी गतिविधियां
वर्ष 2003 में स्थापित यह कंपनी भारत में बासमती चावल और अन्य एफएमसीजी उत्पादों के प्रसंस्करण एवं निर्यात का कार्य करती है। कंपनी बासमती चावल की खरीद, भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन और बिक्री सहित पूरी तरह से एकीकृत परिचालन मॉडल पर काम करती है।
कंपनी अपने उत्पादों का विपणन मुख्य रूप से “एयरोप्लेन” ब्रांड के तहत करती है। इस ब्रांड के अंतर्गत 40 से अधिक उप-ब्रांड, 100 ट्रेडमार्क (भारत में 70 और 26 देशों में 30) तथा भारत में 22 कॉपीराइट पंजीकृत हैं।
उत्तर भारत में कंपनी के
- 2 विनिर्माण एवं प्रसंस्करण संयंत्र
- 1 पैकेजिंग इकाई
संचालित हैं। कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5,50,800 मीट्रिक टन है।
इसके अलावा कंपनी 38 निर्यात बाजारों में सक्रिय है और वैश्विक एवं घरेलू स्तर पर इसके 484 वितरक और 325 खरीद एजेंट कार्यरत हैं।
उत्पाद श्रेणियां
कंपनी के उत्पाद मुख्य रूप से दो प्रमुख श्रेणियों में आते हैं—
1. चावल श्रेणी
- बासमती चावल
- कोलम चावल
- सोना मसूरी
- इडली चावल
- पोन्नी चावल
2. एफएमसीजी श्रेणी
- आटा
- मैदा
- सूजी
- बेसन
- नमक
- चीनी
- इंस्टेंट फिरनी
- इडली आटा
इन उत्पादों का विपणन “एयरोप्लेन” ब्रांड के तहत किया जाता है, जिसके प्रमुख उप-ब्रांडों में एयरोप्लेन ला-टेस्ट, एयरोप्लेन क्लासिक, अली बाबा, वर्ल्ड कप और जेट शामिल हैं।
वैश्विक बाजार में उपस्थिति
कंपनी यूरोप, अफ्रीका और एशिया के 26 देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करती है।
प्रबंधन के अनुसार पिछले तीन वर्षों में कम विज्ञापन और विपणन खर्च के बावजूद कंपनी राजस्व के आधार पर अपने समकक्षों में तीसरे स्थान पर बनी हुई है।
भावी योजना
कंपनी की विकास रणनीति वितरण नेटवर्क के विस्तार और टियर-3 तथा टियर-4 शहरों में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर केंद्रित है।
इसके अलावा कंपनी डिजिटल माध्यमों और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के जरिए अपने ब्रांड को मजबूत करने की योजना बना रही है।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार वृद्धि देखी गई है।
| वित्त वर्ष | कुल राजस्व | शुद्ध लाभ (कर पश्चात) |
|---|---|---|
| FY 2023 | ₹1317.86 करोड़ | ₹17.50 करोड़ |
| FY 2024 | ₹1551.42 करोड़ | ₹30.41 करोड़ |
| FY 2025 | ₹2004.03 करोड़ | ₹60.82 करोड़ |
वित्त वर्ष 2026 की 30 सितंबर 2025 को समाप्त अवधि में कंपनी ने
- ₹1024.30 करोड़ का राजस्व
- ₹48.65 करोड़ का शुद्ध लाभ
अर्जित किया है। इस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ मार्जिन 4.76% रहा।
प्रवर्तकों का अनुभव
जगदीश कुमार सूरी
76 वर्षीय जगदीश कुमार सूरी कंपनी के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और प्रमोटर हैं। उन्हें चावल उद्योग में चार दशकों से अधिक का अनुभव है।
उन्होंने 1982 में अपनी स्वामित्व वाली फर्म के माध्यम से बासमती चावल का व्यवसाय शुरू किया था, जिसे बाद में 2005 में कंपनी ने अधिग्रहित कर लिया। उनकी कंपनी को 1998-99 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय निर्यात पुरस्कार के तहत सम्मानित किया गया था।
राहुल सूरी
50 वर्षीय राहुल सूरी कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर हैं। उन्हें चावल उद्योग में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे उत्पादन, निर्यात बिक्री, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन की जिम्मेदारी संभालते हैं।
रमनिका सूरी
49 वर्षीया रमनिका सूरी कंपनी की गैर-कार्यकारी गैर-स्वतंत्र निदेशक हैं और उन्हें उद्योग में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे कंपनी के विपणन और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करती हैं।
आईपीओ से संबंधित जानकारी
कंपनी का आईपीओ 24 मार्च 2026 को खुलेगा और 27 मार्च 2026 को बंद होगा।
कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू के इक्विटी शेयर जारी कर लगभग 440 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
इस आईपीओ के लीड मैनेजर
- एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड
- कीनोट फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड
हैं।
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

