नई दिल्ली। भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (एम्फी) ने तीन नई पहल छोटी एसआईपी, तरुण योजना और मित्र जारी की है। विशेषज्ञो के अनुसार इनसे निवेश करना आसान होगा और भूले हुए म्यूचुअल फंड को ढूंढना भी आसान होगा।
एम्फी और सेबी म्यूचुअल फंड निवेश को सभी के लिए आसान बनाना चाहते हैं। इन नई पहलों से समाज के हर वर्ग के लोग निवेश से जुड़ सकेंगे।
छोटे निवेशकों को म्यूचुअल फंड्स से जोड़ने के लिए एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया या भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (एम्फी) ने तीन पहल जारी की हैं। छोटी एसआईपी के तहत निवेशक कम पैसे से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। तरुण योजना युवाओं के लिए बनाई गई है। मित्र योजना में निवेशक विशेषज्ञों की मदद से निवेश कर सकते हैं।
छोटी एसआईपी में निवेशक सिर्फ़ 250 रुपये से एसआईपी शुरू कर सकते हैं। पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों और निर्धन लोगों के लिए यह योजना अच्छी है।
तरुण योजना स्कूलों में बच्चों को निवेश के बारे में सिखाया जाएगा। मित्र एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जिससे लोग अपने पुराने या भूले हुए म्यूचुअल फंड निवेश को ढूंढ सकते हैं। परिवार वाले निवेशक की मृत्यु के बाद भी यह काम कर सकते हैं। इससे लोगों को अपने पैसे वापस मिलने में आसानी होगी। ये सभी योजनाएं निवेशकों के लिए फायदेमंद हैं।
भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में 65 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश है। निवेशक अब म्यूचुअल फंड में ज्यादा निवेश कर रहे हैं और लंबे समय के लिए निवेश करना पसंद कर रहे हैं। लेकिन अभी भी बहुत से लोग निवेश नहीं करते हैं। इसकी कई वजहें हैं जैसे कि निवेश के बारे में जानकारी न होना, निवेश के तरीके समझ न आना या फिर निवेश शुरू करने के लिए ज़रूरी सुविधाएं न होना। एम्फी लोगों को निवेश के बारे में शिक्षित कर रहा है, सेबी के साथ मिलकर काम कर रहा है और नए-नए तरीके ढूंढ रहा है जिससे आम लोग भी आसानी से निवेश कर सकें।
सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने इस अवसर पर कहा, “भारत के वित्तीय बाजार को मजबूत बनाने के लिए निवेशकों की भागीदारी बहुत जरूरी है। एम्फीकी ये पहल न केवल ज्यादा से ज्यादा लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगी बल्कि म्यूचुअल फंड निवेश में पारदर्शिता, सुरक्षा और आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी उपकरण भी प्रदान करेंगी।” वह वित्तीय समावेशन और निवेशक सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर दे रही थीं।
एम्फी के चेयरमैन नवनीत मुनोत ने कहा, “म्यूचुअल फंड वित्तीय सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण आधार हैं। ये लोगों को भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने का मौका देते हैं। ये नई योजनाएं इस बात को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं कि निवेश न केवल सुलभ हो बल्कि सुरक्षित, पारदर्शी और हर भारतीय की वित्तीय भलाई के लिए हो। ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को निवेश से जोड़कर, कम उम्र में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देकर, और निवेशकों को वित्तीय दुनिया को समझने के लिए ज़रूरी उपकरण देकर, हमारा लक्ष्य एक मज़बूत और समावेशी निवेश संस्कृति का निर्माण करना है।”

