Monday, July 13, 2026 |
Home Breaking NewsAmerica Tarriff के बीच बोले पीएम मोदी, किसानों और छोटे उद्योगों का कल्याण हमारी ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’

America Tarriff के बीच बोले पीएम मोदी, किसानों और छोटे उद्योगों का कल्याण हमारी ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज/वाराणसी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि किसानों, छोटे उद्योगों और युवाओं का कल्याण सरकार की “सर्वोच्च प्राथमिकता” है। साथ ही कहा कि देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 7 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है।

अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी से पैदा हुई उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की पुष्टि करते हुए कहा कि देश को अपने आर्थिक हितों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और ‘स्वदेशी’ उत्पादों को अपनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने वाराणसी में एक रैली के दौरान कहा, “वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल है। सभी देश अपने-अपने हितों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और इसलिए भारत को अपने आर्थिक हितों के प्रति सतर्क रहना होगा।” इस सप्ताह की शुरुआत में, ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। साथ ही कहा था कि रूसी तेल खरीदने पर भारत को अतिरिक्त टैरिफ दंड का भी सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि भारत ने संभवत: रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है, सरकारी जानकारी के अनुसार रूस से तेल आयात पर ऐसी कोई रोक नहीं है। “भारत की ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हितों और बाजार की ताकतों से प्रेरित है। हमारे पास भारतीय तेल कंपनियों द्वारा रूसी आयात रोकने की कोई रिपोर्ट नहीं है।” शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत और अमेरिका साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जन-जन संबंधों पर आधारित एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं और इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, सरकार देश के सर्वोत्तम हित में हर संभव प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने रैली में अपने भाषण के दौरान कहा, “जो लोग देश का भला चाहते हैं और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में देखना चाहते हैं, उन्हें अपने मतभेदों को भुलाकर ‘स्वदेशी’ उत्पादों के लिए संकल्प लेना चाहिए। हम केवल वही चीजो खरीदेंगे जो भारतीयों द्वारा बनाई गई हैं। हमें वोकल फॉर लोकल को अपनाने की जरूरत है।”



You may also like

Leave a Comment