aपिछले दिनों से अमेरिका में मंदी का असर है, इसका प्रभाव ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ रहा है। इससे डिमांड में कमी देखी जा रही है। इसका सीधा असर भारत के रत्न और आभूषण कारोबार पर पड़ा है। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद की पिछले दिनों जारी रिपोर्ट में भी कहा है कि जुलाई महीने में इस सेक्टर का एक्सपोर्ट घट गया है। अमेरिका में मंदी की आशंका के चलते सूरत में कई डायमंड फैक्ट्रियों ने इस महीने अपने कर्मचारियों को 10 दिन की छुट्टी पर भेज दिया था। वैश्विक अशांति के बाद उपभोक्ता मांग में कमी के कारण जुलाई में कुल रत्न और आभूषण एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर काफी गिरावट देखी गई है। इस दौरान एक्सपोर्ट घटकर 166.54 करोड़ डॉलर पर आ गया जबकि पिछले साल जुलाई में ये एक्सपोर्ट 217.07 करोड़ डॉलर का हुआ था। अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण डिमांड में कमी आई है। चीन की अर्थव्यवस्था में वर्तमान संघर्ष के कारण मांग में गिरावट देखी जा रही है। जुलाई में कट और पॉलिश किए गए हीरों का एक्सपोर्ट 22.71 प्रतिशत घटकर 90.77 करोड़ डॉलर पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 117.44 करोड़ डॉलर था। जुलाई में सोने की ज्वैलरी का एक्सपोर्ट भी 12.06 प्रतिशत घटकर 53.04 करोड़ डॉलर पर आ गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 60.31 करोड़ डॉलर था। इस बीच हाल ही में 9-13 अगस्त तक आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ज्वैलरी शो प्रीमियर-2024 में लगभग एक लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। इस शो ने कंबोडिया, ईरान, जापान, मलेशिया, नेपाल, रूस, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, तुर्की, ब्रिटेन और उज्बेकिस्तान सहित तेरह से अधिक देशों से पचास हजार से अधिक खरीददारों और अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स को आकर्षित किया। आईआईजेएस प्रीमियर-2024 एक बड़ी सफलता रही है, जिसने हमारे प्रदर्शकों के लिए 12 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार किया। सोने की कीमतों में गिरावट के बाद कारोबार में मुख्य रूप से सोने के आभूषणों का दबदबा देखा गया। आने वाले समय में अमेरिका में मंदी का असर खत्म होने के बाद ही ग्लोबल मार्केट में उछाल आ पाएगा।

