बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली भारत सरकार के गृह मंत्रालय, द्वारा स्थापित भारतीय Cyber Crime समन्वय केंद्र (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ) और Amazon India मिलकर #ScamSmartIndia नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर रहे हैं। यह अभियान उपभोक्ताओं को ऑनलाइन घोटालों और धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे से बचाने के लिए तैयार किया गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शिक्षित और जागरूक करने के साथ ही तकनीक-आधारित रोकथाम प्रावधानों को साथ लाकर घोटालों से जुड़ी जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुँचाना, इसे सुलभ, प्रासंगिक और कार्रवाई योग्य बनाना है।
इस अभियान के तहत, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र और Amazon आने वाले महीनों में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर संयुक्त रूप से कई पहलों का संचालन करेंगे। इसमें आकर्षक सोशल मीडिया सामग्री का प्रसार किया जाएगा, जिसमें जटिल धोखाधड़ी परिदृश्यों को आसानी से समझ में आने वाले सुरक्षा टिप्स दिए जाएंगे, सुरक्षा सलाह वाले डिजिटल विज्ञापन होंगे जो लाखों घरों तक पहुँचेंगे, अमेजन पैकेजों में शैक्षिक फ़्लायर्स होंगे जो प्रत्येक डिलीवरी को व्यक्तिगत सुरक्षा रिमाइंडर में बदलेंगे। इसी तरह त्योहारों के मौसम में उपभोक्ताओं को सुरक्षित रूप से खरीदारी करने के लिए मार्गदर्शन करने के लिए ‘स्कैम-फ्री सितंबर’ पहल के तहत साप्ताहिक बहुभाषी टिप्स दिए जाएंगे। घोटाले का पता लगाने और रोकथाम के लिए एआई-संचालित समाधान विकसित करने के लिए एक राष्ट्रीय हैकथॉन का आयोजन किया जाएगा। भारतीय Cyber Crime समन्वय केंद्र के निदेशक, निशांत कुमार ने कहा, कि स्वाभाविक रूप से त्योहारों के मौसम में हर भारतीय परिवार खरीदारी करता है। इसी दौरान धोखेबाजों अपनी धोखाधड़ी की गतिविधियों में तेजी लाते हैं और उपभोक्ताओं, विशेष रूप से पहली बार इंटरनेट का उपयोग करने वालों और वरिष्ठ नागरिकों जैसे कम जागरूक समूहों को ठगने की कोशिश करते हैं। Amazon के साथ इस साझेदारी के जरिये उपभोक्ताओं में धोखाधड़ी का पता लगाने और उनके शिकार होने से बचने के तरीके के बारे में जागरूकता पैदा की जाएगी। हमें ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने और सुरक्षित खरीदारी अनुभव को सक्षम करने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए भारत में अमेजऩ के साथ मिलकर काम करने में खुशी हो रही है।
अमेजऩ इंडिया लीगल के वाइस प्रेसिडेंट राकेश बख्शी ने कहा कि अमेजऩ में, ग्राहक विश्वास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब स्कैमर्स ग्राहकों को लुभाने के लिए जाने-माने ब्रांडों के नामों का दुरुपयोग करते हैं, तो वे न केवल व्यवसायों को नुकसान पहुँचाते हैं – बल्कि देश की संपूर्ण डिजिटल अर्थव्यवस्था में उपभोक्ताओं के विश्वास को भी नुकसान पहुँचाते हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के साथ हमारी साझेदारी की बदौलत, हम व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए सक्रिय कदम उठाना चाहते हैं जो खरीदारों को स्कैम को पहचानने, उनसे बचने और रिपोर्ट करने के लिए शिक्षित और सशक्त बनाएँ। सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण की दिशा में यह सहयोग एक महत्वपूर्ण कदम है और यह उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए साझा प्रतिबद्धता दर्शाता है। यह साझेदारी महत्वपूर्ण समय में हुई है, जहाँ भारत में धोखाधड़ी के आधे से ज़्यादा मामले ऑनलाइन होते हैं और त्योहारी खरीदारी के मौसम में जोखिम विशेष रूप से अधिक होता है, जैसा कि हाल ही में McAfee की एक रिपोर्ट में बताया गया है। यह पहल अमेजऩ द्वारा अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी आधारित है। कंपनी उपभोक्ताओं को सुरक्षित ऑनलाइन खरीदारी की आदतों के बारे में शिक्षित करने के लिए देश भर में क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन करने के लिए विभिन्न उद्योग निकायों के साथ सक्रिय रूप से कार्य करती है।

