बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर बरसात का मौसम जहाँ एक तरफ ठंडक और सुकून लाता है, वहीं दूसरी ओर यह Allergy orAsthma के मरीजों के लिए परेशानी का कारण भी बनता है। डॉ. शिवानी स्वामी (एचओडी – पल्मोनोलॉजी, एलर्जी और स्लीप मेडिसिन, Amar Jain Hospital WHC) बताती हैं कि इस मौसम में बहुत से लोग या तो पहली बार एलर्जी से पीड़ित होते हैं या पुराने मरीजों के लक्षण फिर से उभरने लगते हैं।
बरसात में एलर्जी और अस्थमा बढऩे के कारण
डॉ. शिवानी स्वामी के अनुसार, बरसात के मौसम में एलर्जी और अस्थमा बढऩे के पीछे ये कारण होते हैं:
नमी (ह्यूमिडिटी) : हवा में बढ़ी हुई नमी एलर्जी के कणों को सक्रिय कर देती है।
फफूंदी और फंगस का बढऩा : घर के गीले हिस्सों में फफूंदी और फंगस आसानी से पनपने लगते हैं, जो एलर्जी को बढ़ावा देते हैं।
हाउस डस्ट माइट्स : ये छोटे कीड़े गद्दों, तकियों, पर्दों, बेडिंग्स और कारपेट्स में पनपते हैं और बहुत आम एलर्जन हैं।
कैसे करें बचाव : डॉ. शिवानी स्वामी कुछ आसान उपाय बताती हैं जिनसे आप इस मौसम में एलर्जी और अस्थमा से सुरक्षित रख सकते हैं :
घर को साफ और सूखा रखें : अगर घर में कहीं भी फफूंदी या सीलन दिखे तो तुरंत उसकी मरम्मत और पेंटिंग कराएं।
गाढ़े पर्दे, भारी गलीचे या कारपेट का उपयोग कम करें।
हल्के सूती पर्दे लगाएं और समय-समय पर उन्हें धोते रहें।
गद्दे, तकिए, चादरें, बेडिंग्स, कारपेट और सोफे को नियमित वैक्यूम क्लीनर से साफ करें।
बिस्तर की सफाई का
रखें ध्यान : हर 3-4 दिन में चादरें और तकिए के कवर बदलें।
हमेशा सूती चादर और तकिए के कवर का इस्तेमाल करें क्योंकि ये एलर्जी को कम करते हैं।
बाहर निकलने में सावधानी बरतें : बरसात के मौसम में जितना हो सके बाहर निकलने से बचें।
यदि बाहर जाना ज़रूरी हो तो मास्क पहनकर जाएँ। मास्क पहनने से हवा में उडऩे वाले एलर्जन से बचाव होता है।
दवाइयों का नियमित सेवन ज़रूरी : डॉ. शिवानी स्वामी सलाह देती हैं कि जिन मरीजों की दवाइयाँ चल रही हैं, वे नियमित रूप से दवाइयाँ लेते रहें। कभी-कभी लक्षण कम होने पर लोग दवाइयाँ बंद कर देते हैं, जो कि ठीक नहीं है।लक्षण बढऩे पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
समय पर इलाज से बचे रह सकते हैं गंभीर समस्या से : डॉ. शिवानी स्वामी कहती हैं कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और समय पर इलाज लेकर एलर्जी और अस्थमा को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। यदि किसी भी तरह की परेशानी हो तो देर न करें और तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।

