Monday, June 29, 2026 |
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Al Niño से बढ़ सकता है महंगाई का दबाव मासिक आर्थिक समीक्षा: खाद्यान्न भंडार रहेगा मजबूत स्थिति में

Al Niño से बढ़ सकती है खाद्य महंगाई और ग्रामीण मांग पर दबाव, Finance Ministry ने जताई चिंता

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | वित्त मंत्रालय की मई माह की मासिक आर्थिक समीक्षा में शनिवार को कहा गया कि यदि जून में Al Niño के विकसित होने के कारण बारिश सामान्य से कम रहती है, तो इसका असर खाद्य महंगाई, ग्रामीण मांग और समग्र आर्थिक वृद्धि पर तेजी से दिखाई दे सकता है। इससे पहले से ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण बने महंगाई के दबाव और बढ़ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आगामी Kharif Season के लिए कृषि क्षेत्र की संभावनाएं निकट अवधि में राहत देने वाली हैं, लेकिन मध्यम अवधि में कुछ चिंताएं भी बनी हुई हैं।

गर्मी की फसलों की बुवाई का क्षेत्र बढ़ा

समीक्षा के अनुसार, सकारात्मक पक्ष यह है कि खाद्यान्न का Buffer Stock मजबूत स्थिति में है। अप्रैल 2026 के अंत तक Food Corporation of India (FCI) और राज्य एजेंसियों के पास चावल और गेहूं का कुल भंडार 817.53 लाख टन था। वहीं जलाशयों में जल भंडारण पिछले 10 वर्षों के औसत का 123.86 प्रतिशत रहा, जो मानसून से पहले एक मजबूत शुरुआती स्थिति प्रदान करता है। गर्मी की फसलों की बुवाई का क्षेत्र भी बढ़ा है। इस वर्ष 83.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 80.01 लाख हेक्टेयर था।

वर्षा में कमी की काफी संभावना

इस संदर्भ में यह महत्वपूर्ण है कि India Meteorological Department (IMD) ने संकेत दिया है कि वर्ष 2026 के Monsoon Season के दौरान ENSO-Neutral स्थिति से Al Niño की स्थिति विकसित हो सकती है। विभाग ने कुल वर्षा को दीर्घकालिक औसत (LPA) के लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। साथ ही अन्य जलवायु कारकों के साथ Al Niño की परस्पर क्रिया के आधार पर वर्षा में कमी की भी काफी संभावना बताई गई है।

चावल का उत्पादन अपेक्षाकृत रहा स्थिर

समीक्षा में कहा गया है कि अतीत में Al Niño और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में चावल का उत्पादन अपेक्षाकृत स्थिर रहा, क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्यों में सिंचाई की बेहतर व्यवस्था मौजूद है। हालांकि, दलहन और तिलहन फसलें मौसम के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं और मुख्य रूप से वर्षा-आधारित क्षेत्रों में उगाई जाती हैं। ऐसे में Al Niño के दौरान इनके रकबे, उत्पादकता और कुल उत्पादन में गिरावट देखी गई है। इसके अलावा चारे की कमी, दूध उत्पादन में गिरावट और पशु आहार की बढ़ती लागत के कारण पशुपालन और डेयरी क्षेत्र पर भी दबाव बढ़ सकता है।

घरेलू हवाई यात्रा में गिरावट दर्ज

दूसरी ओर मांग की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। घरेलू ऑटोमोबाइल बिक्री में दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टर सहित सभी श्रेणियों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, घरेलू हवाई यात्रा में सालाना आधार पर 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो मांग में कुछ नरमी का संकेत देती है। वित्त मंत्रालय के दस्तावेज में कहा गया है कि यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहता है और आर्थिक गतिविधियों में धीमापन आता है, तो आने वाले महीनों में कुल उपभोक्ता मांग पर दबाव बढ़ सकता है।



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