बिजनेस रेमेडीज।कुंजेश कुमार पतसारिया | May 24,2025 | जयपुर के निर्माण नगर क्षेत्र में स्थित नियोक्लिनिक बच्चों और नवजात शिशुओं के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक और मानवीय स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त केंद्र बन गया है। यह अस्पताल बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बनकर उभरा है। यहां पर शिशु रोग की सभी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं, जो इसे पूरे उत्तर भारत में अपनी तरह का अनोखा अस्पताल बन गया है। अस्पताल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई, बच्चों की गहन चिकित्सा इकाई, सर्जिकल जैसी आधुनिक और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो गंभीर अवस्था में आए बच्चों को जीवनदायिनी देखभाल प्रदान करती हैं। यहां चौबीसों घंटे बाल चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसी भी संकट की घड़ी में शीघ्र उपचार संभव हो पाता है। क्लिनिक की स्थापना वर्ष, 2016 में डॉ. जे. के. मित्तल की ओर से की गई थी, जो देश के अग्रणी नवजात शिशु रोग विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। डॉ. मित्तल ने डीएम न्यूनैटॉलोजी की उपाधि प्राप्त कर अपनी वर्षों की विशेषज्ञता और अनुभव को नियोक्लिनिक में अपनाया है। जहां बच्चों की संपूर्ण चिकित्सा सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो रही है।

नियोक्लिनिक के संस्थापक डॉ. जे.के. मित्तल ने बताया कि अस्पताल में बाल चिकित्सा के लगभग सभी सुपर स्पेशियलिटी विभाग कार्यरत हैं, जिनमें पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और रयूमेटोलॉजी जैसे विभाग शामिल हैं। इसके अलावा यहां पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी और ईएनटी सेवाएं भी अत्याधुनिक तकनीक के साथ संचालित की जा रही हैं। मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य सेवाएं भी बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें बाल मनोरोग, स्पीच थेरेपी, बिहेवियरल थेरेपी और फिजियोथेरेपी शामिल हैं।
बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान
अस्पताल में हाल ही में तंत्रिका विज्ञान केंद्र की स्थापना की है, जो बच्चों में तंत्रिका तंत्र संबंधी और विकासात्मक समस्याओं के संपूर्ण उपचार होता है। इस सेंटर के अंतर्गत ईईजी,स्लीप स्टडी, विकासात्मक आकलन, स्पीच और ऑक्यूपेशनल थेरेपी जैसी सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही यहां बाल विकास केंद्र भी स्थापित किया गया है, जहां बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां माता-पिता की काउंसलिंग, शिशु देखभाल के प्रशिक्षण सत्र, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न कार्यशालाएं भी नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। नियोक्लिनिक के संस्थापक मित्तल का मानना है कि एक बच्चे की अच्छी सेहत केवल दवाओं से नहीं, बल्कि एक संपूर्ण, सहयोगात्मक और स्नेहपूर्ण वातावरण से सुनिश्चित की जा सकती है। आज नियोक्लिनिक अस्पताल एक ऐसा नाम बन चुका है, जिस पर ना केवल जयपुर बल्कि संपूर्ण राजस्थान के माता-पिता विश्वास करते हैं। यह अस्पताल चिकित्सा उत्कृष्टता, करुणा और समर्पण का एक अद्वितीय संगम है—जहां हर बच्चे को मिलती है सर्वोत्तम देखभाल और हर बच्चे का बचपन सुरक्षित और हर माता-पिता का विश्वास अटूट है।

