Monday, June 29, 2026 |
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Mody University में “योगास्यूटिकल्स 2025” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/लक्ष्मणगढ़ Mody University ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में ‘योगास्यूटिकल्स 2025: योगिक विज्ञान और फार्मास्यूटिकल साइंस का समागम – संपूर्ण स्वास्थ्य की ओर एक समग्र दृष्टिकोण’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने योगिक विज्ञान और आधुनिक औषधीय अनुसंधान के समन्वय पर गहन चर्चा के लिए विद्वानों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान किया।
यह संगोष्ठी मोMody University School ऑफ फार्मेसी और सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज, स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई और इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर योगिक साइंसेज, बेंगलुरु द्वारा प्रायोजित थी।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रो. संजीव शर्मा (कुलपति, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर) ने आयुर्वेद और योग के वैज्ञानिक प्रमाणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनका समावेश रोग प्रबंधन में प्रभावी परिणाम दे सकता है। डॉ. नित्यानंद शर्मा (प्राचार्य, राजकीय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय, कोटा) ने बताया कि प्राणायाम और ध्यान जैसी योग विधियां औषधीय प्रभाव को बढ़ाने में सहायक होती हैं।
प्रो. संजीब पात्रा (केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान) ने योग के प्रतिरक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव की व्याख्या की। डॉ. पूरन चंद्र भागेल (निदेशक, शिवानंद योग केंद्र, नई दिल्ली) ने योग के दीर्घकालिक रोगों में चिकित्सीय महत्व को रेखांकित किया, जबकि डॉ. ऋचा दत्ता (संस्थापक, ऑस्टियोपैथी ट्रीट एंड वेगस वेलनेस थेरेपी) ने योग के माध्यम से वेगस तंत्रिका उत्तेजना और समग्र चिकित्सा की भूमिका पर चर्चा की।
संगोष्ठी के दौरान चार तकनीकी सत्रों में योगिक विज्ञान के चयापचयी क्रियाओं, हर्बल औषधियों और दर्द प्रबंधन पर प्रभावों पर विचार-विमर्श हुआ। पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से योगास्यूटिकल्स, तनाव प्रबंधन और हर्बल चिकित्सा पर नवीन शोध प्रस्तुत किए गए। यह कार्यक्रम मोदी यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अशुतोष भारद्वाज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। संगोष्ठी के संयोजक प्रो. (डॉ.) दीनानाथ झाड़े (डीन, स्कूल ऑफ फार्मेसी), सह-संयोजक डॉ. राजीव मिश्रा (प्रभारी, सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज, स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज) और मैनेजमेंट काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जितेंद्र बिनवाल ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर आचार्य बृहस्पति भवन का भी भ्रमण किया गया, जहां आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक मूल्यों के सम्मिश्रण की झलक देखने को मिली। पी आर ओ राजीव सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ योगिक विज्ञान और फार्मास्यूटिकल साइंस के समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम रखा।

 



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