बिजऩेस रेमेडीज/उदयपुर Paras Health Udaipur ने एक बार फिर तीन बच्चों की सफल डिलीवरी करा करके हाई रिस्क वाली गर्भावस्थाओं को संभालने में अपनी एक्सपर्टीज का प्रदर्शन किया है। डॉ. शीतल कौशिक और उनकी टीम द्वारा संभाला गया यह केस एडवांस्ड मैटरनल और नियोनेटल केयर के लिए हॉस्पिटल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मरीज़ प्रिथा (बदला हुआ नाम) को कई कॉम्प्लिकेशन का सामना करना पड़ा। उन्हें गंभीर हाइपरटेंशन और डायबिटीज़ था, जिससे उनकी गर्भावस्था बहुत नाजुक हो गई। डॉ. कौशिक की टीम की सावधानीपूर्वक देखरेख में उन्हें साप्ताहिक जांच के साथ निरंतर निगरानी में रखा गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका स्वास्थ्य और भू्रण का विकास सही तरीके से होता रहे।
चौथे महीने में समय से पहले प्रसव को रोकने के लिए सर्वाइकल में टांके लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण सर्जरी की गई। केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब प्रिथा ने भ्रूण की मूवमेंट्स कम होने की सूचना दी, इस वजह से तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी। टेस्टिंग से पता चला कि गर्भाशय में बढ़े हुए ब्लड प्रेशर के कारण शिशुओं में ख़ून का प्रवाह कम हो रहा था, जिसके कारण इमरजेंसी सी-सेक्शन की आवश्यकता थी। मेडिकल टीम के त्वरित और एक्सपर्ट निर्णय लेने की वजह से तीनों शिशुओं का सुरक्षित रूप से जन्म हुआ। अब माँ और नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य अच्छा है। डॉ शीतल कौशिक, सीनियर कंसल्टेंट – ऑब्सटेट्रिक्स & गायनेकोलॉजी, Paras Health Udaipur ने बताया, कि गंभीर कॉम्प्लिकेशन के साथ एक साथ तीन बच्चों की गर्भावस्था का मैनेजमेंट करना कभी भी आसान नहीं होता है, लेकिन सही निगरानी, समय पर हस्तक्षेप और एडवांस्ड चिकित्सा देखभाल के साथ हम माँ और उसके बच्चों को सुरक्षित करने में कामयाब रहे।

