Sunday, June 28, 2026 |
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5वें JECRC Moot Court में टीमों की बौद्धिक टक्कर, फाइनलिस्ट्स ने बिखेरी कानूनी चमक

मुकदमा लडऩा जीत या हार से नहीं, बल्कि न्याय के उद्देश्य में भागीदार बनने से जुड़ा है : राजेंद्र प्रसाद शर्मा

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर  JECRC University के स्कूल ऑफ लॉ द्वारा 21-22 मार्च 2025 को आयोजित जेसीआरसी नोवॉइस  Moot Court Competition का आज समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने तर्क, एडवोकेसी और कानूनी कौशलता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह इस Competition का 5th एडीशन था, जहाँ त्रश्वरु कंपनी द्वारा CCI की नियुक्ति और 15,00,000 की पूर्व राशि के भुगतान से जुड़े जटिल कानूनी मुद्दों पर जोरदार बहस की गई।
मुकाबले की झलकियां : 21 मार्च को क्वार्टर फाइनल्स और सेमीफाइनल्स हुए जहाँ प्रतिभागियों ने अपने तर्कसंगत तर्कों से न्यायाधीशों को प्रभावित किया। 22 मार्च को इस प्रतियोगिता का फाइनल राउंड हुआ जिसमें शीर्ष दो टीमों ने कोर्टरूम में अपनी बौद्धिक क्षमता और वकालत कौशल का जबरदस्त प्रदर्शन किया।
भव्य समापन और सम्मान समारोह : कानूनी प्रतिस्पर्धा के इस रोमांचक सफर केसमापन समारोह में सम्मानित ए.जी. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा विशेष अतिथि की उपस्थिति में विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस समारोह में एजी राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने मूट कोर्ट की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि यह एक ऐसा मंच है जहां छात्र अपनी डिग्री के दौरान ही कोर्ट, मुकदमों की प्रक्रिया, रिसर्च, आर्ग्यूमेंट, एथिक्स और एटीकेट्स सीख सकते हैं। यह अनुभव उन्हें असली अदालत में एक नौसिखिया नहीं रहने देगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं है।” हमारे जीवन का हर हिस्सा किसी न किसी नियम से नियंत्रित होता है, इसलिए कानून का ज्ञान सभी को होना चाहिए। साथ ही उन्होंने न्याय की भूमिका बताते हुए कहा कि कोर्ट में होना न्याय के लिए लडऩे का प्रतीक है, चाहे परिणाम कुछ भी हो और यही एक वकील का असली उद्देश्य होता है। यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों के लिए एक सीखने और निखरने का मंच बनी, बल्कि इसमें न्यायिक प्रक्रिया की गहरी समझ और तर्कशक्ति को परखने का शानदार अवसर भी दिया गया।



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