बिजनेस रेमेडीज/जयपुर
भारत के अग्रणी बी2बी हेल्थकेयर खरीद और आपूर्ति श्रृंखला समाधान प्रदाता MedikaBazaar ने अपनी संशोधित मेडिकाबाजार 2.0 रणनीति के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। कंपनी वित्त वर्ष 25 के अंत तक 2,000 करोड़ का वार्षिक आवर्ती राजस्व (एआरआर) प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस प्रक्रिया में विकास की गति को तेज करने और निकट-अवधि लाभप्रदता को संतुलित करने पर जोर दिया जा रहा है। MedikaBazaar 25,000 से ज्यादा स्टॉक कीपिंग यूनिट्स के साथ एक डिजिटल मार्केटप्लेस प्रदान करता है जो 900 से ज्यादा शहरों तक फैला हुआ है। इसमें 600 जिलों को कवर करने वाली एक ऑन-ग्राउंड टीम भी है, जो उच्च-स्तरीय चिकित्सा तकनीक और उपभोग्य सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित करती है, साथ ही बड़े अस्पतालों के लिए तैयार तकनीक-संचालित सप्लाई चैन मैनेजमेंट से संबंधित सॉल्यूशंस भी हैं। कंपनी का दुबई कार्यालय अंतरराष्ट्रीय विस्तार को सपोर्ट करता है, जिससे भारतीय चिकित्सा उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचने में मदद मिलती है। 10-15 बड़े और मध्यम अस्पतालों के लिए खरीद भागीदार के रूप में, कंपनी की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रमुख शहर के अस्पतालों में घंटों के भीतर तेजी से डिलीवरी सुनिश्चित करती है।
मेडिकाबाजार के गु्रप सीईओ दिनेश लोढ़ा के अनुसार, ‘चिकित्सा से संबंधित सामग्री की सप्लाई के लिए भारतीय बाजार का मूल्य 12 बिलियन डॉलर है और वैश्विक अवसर 500 बिलियन डॉलर के हैं, ऐसे में हम महत्वपूर्ण विकास अवसरों को हासिल करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। मेडिकाबाजार 2.0 के साथ हमारा प्राथमिक ध्यान डिजिटल प्लेटफॉर्म व्यवसाय पर अधिक जोर देने के साथ विकास और लाभप्रदता दोनों को आगे बढ़ाने पर है।’ कंपनी रणनीतिक पहलों के माध्यम से 30-40 प्रतिशत की वृद्धि को लक्षित कर रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय विस्तार और चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों और इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (आईवीडी) सेगमेंट्स में निजी लेबल की शुरूआत शामिल है। कंपनी नेफ्रोलॉजी और आईवीएफ जैसे उच्च-लाभ वाले क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। इसके अतिरिक्त, मेडिकाबाजार का लक्ष्य बड़े ओईएम भागीदारों को शामिल करना है ताकि टियर 2 और 3 शहरों में अपनी सप्लाई चैन की पहुंच को मजबूत किया जा सके।

