Monday, July 6, 2026 |
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नए अध्ययन में मौजूदा प्रमाणों की पुष्टि हुई है कि अखरोट खाने से जेन-जी के स्वास्थ्य में सुधार होता है

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
व्यक्ति के स्वास्थ्य में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 1997 से 2012 के बीच जन्मे बच्चे, जिन्हें जेन जी कहकर पुकारा जाता है, ‘फूडी जनरेशन’ (खाने-पीने के शौकीन) माने जाते हैं। जेन जी विभिन्न कारणों से अपनी पसंद के खाने की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन अध्ययनों में सामने आया है कि वो सेहत एवं स्वास्थ्य बढ़ाने वाले, वजन नियंत्रित रखने वाले और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले आहार को प्राथमिकता देते हैं। 1,2 लेकिन जब भी इस तरह के आहार का चयन करना हो, तब जेन जी और मिलेनियल्स एवं अन्य सभी लोगों के दिमाग से एक सुविधाजनक और महत्वपूर्ण आहार – अखरोट अक्सर निकल जाता है।
अखरोट एवं अन्य मेवों में अत्यधिक मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनकी सिफारिश विश्व में हर तरह के आहार के लिए की जाती है। भारत में राष्ट्रीय पोषण संस्थान द्वारा आहार के नए दिशानिर्देशों में इनके सेवन की सिफारिश की गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि अखरोट एवं अन्य मेवे स्वस्थ आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नए अध्ययनों में सुझाव दिया गया है कि खासकर जेन जी एवं मिलेनियल्स के साथ सभी लोगों को अखरोट एवं अन्य मेवों का सेवन करना चाहिए। नए अध्ययन में जेन जी और मिलेनियल्स का वजन नियंत्रित रखने में मेवों के महत्व का आकलन किया गया है। कैलिफोर्निया वॉलनट कमीशन द्वारा वित्तपोषित और इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ-ब्लूमिंगटन द्वारा किए गए नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जो किशोर एवं युवा व्यस्क अखरोट और अन्य मेवों का सेवन करते हैं, उनमें मेवों का सेवन न करने वाले लोगों के मुकाबले कम मोटापा पाया जाता है। शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं पोषण परीक्षण सर्वे (एनएसएएसईएस) के आँकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें 19,000 से ज्यादा किशोरों (12 से 19 साल) और युवा व्यस्कों (20 से 39 साल) का सर्वे किया गया था। इसमें अखरोट एवं अन्य मेवे खाने और शरीर में फैट की मौजूदगी तथा फैट की स्थानीय संरचना का अनुमान लगाने वाले प्रमाणित टूल, रिलेटिव फैट मास (आरएफएम) के साथ मोटापे के बीच संबंध का अध्ययन किया गया। डॉ. कार्ला मिलर, पीएचडी, आरडी, प्रोफेसर ऑफ न्यूट्रिशन, इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ-ब्लूमिंगटन ने कहा कि जहाँ इस विषय में और ज्यादा अनुसंधान किए जाने की जरूरत है, वहीं इन परिणामों से यह तो स्पष्ट हो गया कि आहार का निर्णय केवल उसमें मौजूद कैलोरी के आधार पर नहीं लिया जाना चाहिए। अखरोट एवं मेवों को अपने आहार में शामिल करके मोटापे का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने आगे कहा कि चाहे अखरोट और मेवों का सेवन मु_ीभर स्नैक के रूप में हो या फिर इन्हें थोड़ी सी मात्रा में भोजन में शामिल किया जाए, लेकिन सेहत बनाए रखने के लिए इन्हें पोषणयुक्त आहार का हिस्सा जरूर होना चाहिए।
अखरोट वजन नियंत्रण के अलावा जेन जी और मिलेनियल्स को अन्य शारीरिक एवं मानसिक लाभ भी प्रदान करता है। किशोर और युवा व्यस्क ऐसा आहार चाहते हैं, जो उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखे। उनमें से 30 प्रतिशत भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने वाला आहार चाहते हैं। अध्ययनों में सामने आया है कि अखरोट खाने से इस आबादी के संज्ञानात्मक स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य में मदद मिलती है।



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