Wednesday, August 12, 2026 |
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आईडीएस, जयपुर और स्प्रिंगर नेचर ने रिसर्च इंटीग्रिटी और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को मजबूत करने की भूमिका पर चर्चा की

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। विकास अध्ययन संस्थान (आईडीएस- इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज), जयपुर ने स्प्रिंगर नेचर और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संस्थान भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), के साथ साझेदारी में चल रहे इंडिया रिसर्च टूर 2024 के हिस्से के रूप में आईडीएस, जयपुर में ‘रिसर्च इंटीग्रिटी एंड इट्स रोल इन स्ट्रेन्थनिंग सोशल साइन्स रिसर्च’ पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया।
इस चर्चा ने वैज्ञानिक अनुसंधान में विश्वास को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता का पता लगाने, रिसर्च इंटीग्रिटी के आसपास की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा करने और मजबूत अनुसंधान प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों पर प्रकाश डालने के लिए विचारशील नेतृत्वकर्ता, अकादमिक विशेषज्ञों और पॉलिसी मेकर्स एक साथ आए। यह पैनल चर्चा, भारत और विश्व भर में नैतिक अनुसंधान प्रथाओं को बढ़ावा देने और शोधकर्ताओं को समर्थन देने की स्प्रिंगर नेचर की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। पैनल में मुख्य वक्ताओं में आईडीएस के निदेशक डॉ विनीश कुमार कथूरिया, स्प्रिंगर नेचर, लंदन के अकादमिक मामलों के वाइस प्रेसिडेंट निक कैंपबेल और एमएनआईटी, जयपुर के मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ मंजू सिंह शामिल रहे। पैनल का संचालन स्प्रिंगर नेचर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डाइरेक्टर श्री वेंकटेश सर्वसिद्धि ने किया।
स्प्रिंगर नेचर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डाइरेक्टर वेंकटेश सर्वसिद्धि ने रिसर्च इंटीग्रिटी के महत्व और आज के रिसर्च इको-सिस्टम में इसकी प्रासंगिकता पर जोर देते हुये बताया कि स्प्रिंगर नेचर में, हम रिसर्च में सत्यनिष्ठा, नैतिकता और उत्कृष्टता की संस्कृति का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पैनल चर्चा अकादमिक जगत में रिसर्च इंटीग्रिटी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्वपूर्ण महत्व पर प्रकाश डालती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वैज्ञानिक प्रगति विश्वसनीय और प्रभावशाली बनी रहे। हमें भारत भर में अपनी व्यापक रिसर्च टूर के एक भाग के रूप में इस महत्वपूर्ण प्रयास में आईसीएसएसआर, शिक्षा मंत्रालय और इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज के साथ सहयोग करने पर गर्व है।
आईडीएसजे के निदेशक डॉ. विनीश कुमार कथूरिया ने नैतिक शोध प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता के बारे में बात करते हुये कहा कि विज्ञान में विश्वास निर्माण पर इस महत्वपूर्ण चर्चा की मेजबानी करने में स्प्रिंगर नेचर के साथ सहयोग करने पर हमें गर्व है। इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज में, हमारा मानना है कि वैज्ञानिक ज्ञान की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए रिसर्च इंटीग्रिटी को बढ़ावा देना आवश्यक है। भारत जैसे देश में, जहां रिसर्च और इनोवेशन सामाजिक प्रगति के प्रमुख चालक हैं, यह संवाद नैतिक प्रथाओं को सुदृढ़ करने और अनुसंधान कम्यूनिटी में विश्वास जगाने में मदद करेगा। हम ऐसी कार्रवाई योग्य रणनीतियों की खोज करने के लिए तत्पर हैं जो भारत और विश्व स्तर पर अनुसंधान के भविष्य को आकार दे सकें।
स्प्रिंगर नेचर के इंडिया रिसर्च टूर 2024 के हिस्से के रूप में, ग्लोबल प्रकाशक आईसीएसएसआर के अपने साझेदारों के साथ भारत भर में 26 शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करेगा और देश में रिसर्च इको-सिस्टम को मजबूत करने का लक्ष्य रखेगा। क्षेत्रीय सहभागिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए और देश में किए जा रहे नवीन अनुसंधान को प्रदर्शित करते हुए, यह पहल विचारकों को रिसर्च ट्रेंड, चुनौतियों और समाधानों पर अंतर्दृष्टि साझा करने के लिए एक साथ लाती है, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारत के योगदान को और बढ़ावा मिलता है।



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