बिजऩेस रेमेडीज/पुणे
विशिष्ट प्रोडक्ट पोर्टफोलियो वाली अग्रणी भारतीय दवा कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी जेनोवा बायोफार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के साथ मिलकर भारत के अग्रणी अक्षय ऊर्जा उत्पादकों में से एक सनश्योर एनर्जी के साथ 22.78 मेगावाट डीसी सौर ऊर्जा खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। इस साझेदारी से एमक्योर और जेनोवा को अपने पुणे संयंत्रों के लिए सालाना लगभग 36 मिलियन यूनिट स्वच्छ, नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त होगी। यह साझेदारी इन संयंत्रों के लिए उनकी लगभग 67 प्रतिशत बिजली की जरूरतों को हरित ऊर्जा से पूरा करके और सालाना 29,765.71 मीट्रिक टन ष्टह्र२द्ग की भरपाई करेगी। इस तरह कंपनी की सस्टेनेबिलिटी संबंधी पहलों को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह समझौता सस्टेनेबिलिटी के प्रति एमक्योर की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है।
फार्मास्युटिकल उद्योग में एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स एक विश्वसनीय नाम रहा है, जो 70 से अधिक देशों में मजबूत उपस्थिति के साथ, लगातार इनोवेटिव और बेहतर क्वालिटी वाले फार्मास्युटिकल सॉल्यूशंस के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है। सौर ऊर्जा खरीद समझौते (पीपीए) के अनुसार, एमक्योर और जेनोवा ने सौर ऊर्जा की खरीद के लिए सनश्योर सोलर पार्क ट्वेल्व प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक शेयरधारक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। विद्युत अधिनियम, 2023 और उसके तहत लागू नियमों के अनुसार ग्रुप कैप्टिव योजना के तहत सौर ऊर्जा की खरीद के लिए यह कदम उठाया गया है।
नए समझौते के तहत सनश्योर महाराष्ट्र के सोलापुर में अपने 150 मेगावाट डीसी सोलर प्लांट से बिजली आपूर्ति करेगा। यह नया समझौता पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए अपने संयंत्रों में संचालन में सस्टेनेबिलिटी पर फोकस करने की एमक्योर की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक सुनील मेहता ने पीपीए समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा, कि एमक्योर में, हम न केवल अपने विशिष्ट और दूसरों से अलग पोर्टफोलियो के लिए इनोवेशन और रिसर्च पर फोकस करते हैं, बल्कि कुशल और पर्यावरण के अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध तरीके से काम करते हैं, ताकि लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सके। सनश्योर एनर्जी के साथ हमारी साझेदारी नवीकरणीय ऊर्जा की शक्ति को अपनाकर उद्योग के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए फार्मास्युटिकल उद्योग में बेहतर और नए सॉल्यूशंस को बढ़ावा देने का एक प्रमाण है। एमक्योर को भारत में फार्मास्युटिकल उद्योग में सौर ऊर्जा को अपनाने में अग्रणी होने पर गर्व है। हम अपनी हरित ऊर्जा यात्रा में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए सनश्योर एनर्जी के साथ अपने सहयोग को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।’’
सनश्योर एनर्जी के फाउंडर और सीईओ शशांक शर्मा ने कहा, ‘‘हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे सम्मानित ग्राहक परिवार में फार्मास्यूटिकल उद्योग में वैश्विक अग्रणी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स को भी हमने शामिल कर लिया है। यह पीपीए फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में अग्रणी निगमों के लिए अक्षय ऊर्जा संबंधी बदलाव को सुविधाजनक बनाने के लिए सनश्योर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ मिलकर काम करके, हम न केवल स्वच्छ ऊर्जा के साथ एमक्योर की सुविधाओं को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि उद्योग के भीतर पर्यावरण प्रबंधन संबंधी व्यापक प्रयासों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
पर्यावरण के अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को अपनाते हुए एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स ने हमेशा से पर्यावरण से संबंधित सस्टेनेबिलिटी पर गहराई से फोकस किया है। अपने सभी कार्य संचालन के दौरान कंपनी हरित पहल और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को एकीकृत करती है। वर्तमान बेहतर विनिर्माण प्रथाओं (सीजीएमपी) और अंतरराष्ट्रीय नियामक मानकों का पालन करने के अलावा, एमक्योर की सुविधाओं में ऊर्जा-कुशल उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं। कंपनी उन्नत अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों का पालन करती है, और वर्षा जल संचयन की दिशा में भी सक्रिय तौर पर काम करती है। ‘रिड्यूज, रीयूज और रीसाइकिल’ की अपनी फिलॉस्फी के अनुरूप, एमक्योर की आरएंडडी टीम सॉल्वेंट रीसाइक्लिंग और रीयूज के लिए रिकवरी के उपायों की खोज कर रही है। इसके अलावा, एमक्योर के 13 विनिर्माण संयंत्र जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम्स और अपशिष्ट उपचार संयंत्रों को सुनिश्चित करने के लिए सुसज्जित हैं, साथ ही 100 प्रतिशत अपशिष्ट का ट्रीटमेंट सुनिश्चित करते हैं। ये उपाय पर्यावरण की रक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एमक्योर फार्मास्युटिकल के समर्पण को दर्शाते हैं।

