बिजऩेस रेेमेडीज/मुंबई
डीसीबी बैंक लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 24 जुलाई, को मुंबई में अपनी बैठक में 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही (वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही) के लिए वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी, साथ ही वैधानिक लेखा परीक्षकों ‘वर्मा एंड वर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ और ‘बी एस आर एंड कंपनी एलएलपी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ की सीमित समीक्षा रिपोर्ट को भी मंजूरी दी।
हाइलाइट
1) वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के लिए बैंक का कर-पश्चात लाभ (पीएटी) 131 करोड़ रुपये था। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के लिए कर-पश्चात लाभ 127 करोड़ रुपये था, जो 3 प्रतिशत की वृद्धि थी।
2) अग्रिम वृद्धि वर्ष-दर-वर्ष 19 प्रतिशत रही तथा जमा वृद्धि वर्ष-दर-वर्ष 20 प्रतिशत रही।
3) 30 जून 2024 तक सकल एनपीए 3.33 प्रतिशत था। 30 जून 2024 तक शुद्ध एनपीए 1.18 प्रतिशत था। 30 जून 2024 तक प्रावधान कवरेज अनुपात (पीसीआर) 76.00 प्रतिशत था और गोल्ड लोन एनपीए को ध्यान में रखे बिना पीसीआर 77.19 प्रतिशत था।
4) पूंजी पर्याप्तता लगातार मजबूत बनी हुई है और 30 जून, 2024 तक पूंजी पर्याप्तता अनुपात 15.95 प्रतिशत (बेसल 3 मानदंडों के अनुसार टियर 1 14.00 प्रतिशत और टियर 2 1.95 प्र्रतिशत पर) था।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए प्रबंध निदेशक और सीईओ प्रवीण कुट्टी ने कहा कि जमा और ऋण दोनों की वृद्धि की गति हमारी उम्मीदों के अनुरूप है। जैसा कि अपेक्षित था, जमा में वृद्धि ऋण में वृद्धि से अधिक है। ऋण लागत कम बनी हुई है और शुल्क आय लगातार बढ़ रही है। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में फंड की लागत स्थिर हो जाएगी, जिससे एनआईएम में सुधार होगा। आगे बढ़ते हुए, हमें उत्पादकता और लाभप्रदता में लगातार सुधार देखने की उम्मीद है।

