बंजर जमीन बनी कमाई का जरिया
जम्मू-कश्मीर के Doda जिले में Union Ministry of Science and Technology की Floriculture Mission ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय का नया जरिया बन रही है। National Rural Livelihood Mission (NRLM) से जुड़े Self-Help Groups (SHGs) की महिलाएं गेंदा फूल की व्यावसायिक खेती कर अतिरिक्त आमदनी हासिल कर रही हैं और कृषि क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
CSIR-IIIM ने दिया तकनीकी सहयोग
Bhaderwah के Sartingal गांव और Athkhar Valley क्षेत्र में महिलाओं ने CSIR-Indian Institute of Integrative Medicine (CSIR-IIIM) के सहयोग से पहले से अनुपयोगी पड़ी जमीन पर गेंदा उगाना शुरू किया है। इस पहल का नेतृत्व NRLM Cluster Coordinator Nadia Farooq कर रही हैं। महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण planting material, आधुनिक खेती की Training और लगातार Technical Support उपलब्ध कराया गया।
पांच महिलाओं से शुरू हुआ प्रयोग
Nadia Farooq के अनुसार, शुरुआत उनके Cluster की पांच महिलाओं से हुई, जिन्होंने पारंपरिक मक्का खेती के साथ गेंदा उत्पादन का प्रयोग किया। करीब डेढ़ महीने से ये महिलाएं Jammu के व्यापारियों को फूलों की आपूर्ति कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय मिल रही है।
त्योहारी सीजन में बढ़ी कमाई
आमतौर पर गेंदा फूल की कीमत करीब 30-35 रुपये प्रति किलो रहती है, लेकिन Navratri के दौरान मांग बढ़ने से कीमत 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इससे महिला किसानों की कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
Rani बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल
Umeed Scheme से पिछले आठ वर्षों से जुड़ी Rani ने तीन साल पहले गेंदा खेती शुरू की थी। उन्होंने अब तक 3 लाख रुपये से अधिक के गेंदा फूल बेचने की जानकारी दी है। उनका कहना है कि बेहतर बीज, Training और जागरूकता कार्यक्रमों से उत्पादन और फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अब ये महिलाएं दूसरे किसानों को भी गेंदा खेती अपनाने के लिए Training, बीज और आर्थिक सहयोग दे रही हैं।

