जीएसटी काउंसिल का ऐतिहासिक फैसला
10,000 तक के नोटिस पर लगी रोक
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
दिल्ली के भारत मंडपम में गुरुवार को जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में काउंसिल ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके बाद अब जीएसटी के तहत कोई गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। काउंसिल ने बैठक में जीएसटी के तहत गिरफ्तार करने की शक्ति को पूरी तरह से हटा दिया है। साथ ही, उसने मुकदमा चलाने के लिए सीमा को 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दिया है।
दरअसल गुरुवार को जीएसटी काउंसिल ने नियमों का पालन आसान बनाने और कानूनी विवाद कम करने के लिए इस बैठक में कई फैसलों को मंजूरी दी है। इसके अलावा बैठक में दरों में किसी भी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
90 फीसदी रिफंड तीन कामकाजी दिवसों में
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले साल सरकार ने जीएसटी की दरों को कम किया था। इस साल हमने प्रक्रिया को आसान बनाने पर फोकस किया है। सीतारमण ने कहा, पंजीकरण में सामान्य बदलावों को अपने-आप अनुमति देने को मंजूरी जीएसटी परिषद ने दे दी है। अब रिफंड तेजी से जारी होंगे और स्वीकृति की अवधि 15 दिन से घटकर 10 दिन हो जाएगी। साथ ही, 90 प्रतिशत रिफंड 3 कामकाजी दिनों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।
ई-कॉमर्स के लिए पंजीकरण आसान
ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए पंजीकरण को आसान बनाने पर उन्होंने कहा, ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स के प्लेटफॉर्म पर छोटे विक्रेताओं के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आसान प्रक्रिया से छोटे बिजनेस को हर राज्य में बिजनेस की जगह बनाए बिना सामान बेचने में मदद मिलेगी।
18 प्रतिशत यूपीआई एमडीआर चार्ज पर भी चर्चा
इसके अलावा, जीएसटी परिषद ने यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) पर जीएसटी को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया। ज्यादातर राज्यों ने यूपीआई एमडीआर पर 18 प्रतिशत जीएसटी को लेकर चिंता जताई। नए यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क के तहत ज्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने की योजना है। जीएसटी दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए एक अहम समय पर आया है। नए यूपीआई फ्रेमवर्क में, कुछ शर्तों और छूट के साथ, 2,000 रुपए से ज्यादा के खास पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर तय किया गया है। सरकार के मुताबिक, पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई ट्रांजेक्शन में से लगभग 96 प्रतिशत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
1 नवंबर से हेल्थ, लाइफ इंश्योरेंस पर मिलेगा आईटीसी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्तमंत्री ने जानकारी देते हुए जीएसटी काउंसिल ने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की मंजूरी दे दी है। जो 1 नवंबर से लागू होगा।
1 देश 1 जीएसटी दर पर भी होगा विचार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया की ओर से 1 देश में 1 जीएसटी दर लागू होने की के सवाल पर वित्तमंत्री ने कहा कि इसमें कोई शर्त लागू नहीं है, समय आने पर इस पर भी विचार किया जाएगा।
राज्यों ने सुधारों का किया स्वागत
57वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने बैठक में लिए गए फैसलों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने, कारोबारियों की परेशानियां दूर करने और आम नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक की सबसे अच्छी बात यह है कि सभी राज्य एक साथ बैठकर नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने और जीएसटी के फ्रेमवर्क को आसान बनाने पर चर्चा करते हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सुधारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बैठक में जो सुधार लाए गए हैं, वे लोगों की तकलीफों को दूर करने में मदद करेंगे। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्य के लिए जीएसटी हमेशा फायदेमंद रहा है और राज्य के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा जीएसटी से आता है। यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि जब भी कारोबारियों की ओर से शिकायतें सामने आती थीं, उन्हें दूर करने और व्यवस्था को सरल बनाने के लिए जीएसटी परिषद ही सबसे उपयुक्त मंच रहा है।

