– खेत की मिट्टी की सेहत जांचने के लिए Hindustan Urvarak & Rasayan Limited की बड़ी पहल, 12 parameters पर जांच से किसानों को fertilizers के balanced इस्तेमाल में मिलेगी मदद
– HURL ने Patanjali Group से खरीदीं 9 ‘धरती का डॉक्टर’ automated soil testing machines, Uttar Pradesh और Bihar में कीं स्थापित
– Patanjali Group की Bharuwa Agri Science की automated machine से होगी मिट्टी की जांच, अनावश्यक fertilizer खर्च घटाने और soil health सुधारने पर जोर
हरिद्वार। किसानों को fertilizers के balanced इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने और खेती की लागत कम करने की दिशा में Hindustan Urvarak & Rasayan Limited (HURL) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने Patanjali Group की Bharuwa Agri Science की ओर से विकसित automated soil testing machine ‘धरती का डॉक्टर’ को अपनाते हुए Uttar Pradesh और Bihar में soil testing facilities और labs स्थापित की हैं। इस technical अभियान के तहत HURL ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद और पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र Gorakhpur में पहली soil testing lab स्थापित की है, जो इस क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात है। HURL ने Uttar Pradesh और Bihar के विभिन्न जिलों के लिए Patanjali Group से ऐसी 9 machines खरीदी और स्थापित की हैं, जिनके माध्यम से किसान अपने खेतों की मिट्टी की free जांच करा सकेंगे।
HURL की यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि fertilizers की availability के साथ-साथ उनका सही मात्रा में इस्तेमाल भी खेती की productivity और किसानों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है। किसान अक्सर अनुमान या traditional तरीके से खेतों में urea, DAP और दूसरे fertilizers का इस्तेमाल करते हैं। जबकि हर खेत की मिट्टी में nutrients की स्थिति अलग होती है। HURL के Managing Director S. P. Mohanty ने Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र Gorakhpur और पूर्वांचल के कई जिलों सहित Meerut तथा Bihar के Buxar और अन्य जिलों में करीब नौ ‘धरती का डॉक्टर’ soil testing labs की स्थापना की है, जहां किसान free में अपनी soil की जांच करा सकेंगे।
किसानों को अनावश्यक fertilizer खर्च से मिलेगी राहत
Soil testing का सबसे प्रत्यक्ष लाभ fertilizers की जरूरत को समझने में मिलता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी खेत में phosphorus पर्याप्त मात्रा में मौजूद है तो किसान को बिना जरूरत अतिरिक्त phosphate fertilizer डालने से बचने की सलाह दी जा सकती है। इसी तरह यदि मिट्टी में zinc, sulphur या किसी दूसरे nutrient की कमी है, तो उसकी पूर्ति के लिए उचित उपाय किए जा सकते हैं।
इस प्रकार soil testing का उद्देश्य केवल fertilizers की खपत घटाना नहीं, बल्कि मिट्टी की वास्तविक जरूरत के अनुसार nutrients का balanced इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। इससे खेती की लागत को बेहतर ढंग से control करने, मिट्टी की fertility बनाए रखने और crop management को अधिक scientific बनाने में मदद मिल सकती है।
12 parameters पर मिट्टी की जांच करती है ‘धरती का डॉक्टर’
HURL की soil testing पहल में इस्तेमाल की जा रही ‘धरती का डॉक्टर’ machine की एक प्रमुख खासियत इसकी automated testing व्यवस्था है। Bharuwa Agri Science के अनुसार, machine मिट्टी के 12 प्रमुख parameters की जांच करती है। इनमें pH, electrical conductivity (EC), organic carbon, nitrogen, phosphorus, potassium, sulphur, zinc, iron, copper, manganese और boron शामिल हैं।
इन parameters से मिट्टी की acidic या alkaline nature, salts की स्थिति, organic carbon और प्रमुख एवं सूक्ष्म nutrients के levels को समझने में मदद मिलती है। Machine से प्राप्त results के आधार पर मिट्टी की स्थिति का assessment किया जा सकता है और उसके अनुरूप fertilizer management की सलाह दी जा सकती है।
Automated testing और digital report की सुविधा
‘धरती का डॉक्टर’ machine को soil testing की process को तेज और आसान बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। Bharuwa Agri Science के अनुसार, machine की testing process में औसतन लगभग 40 मिनट लगते हैं। इससे किसानों को मिट्टी की जांच के लिए एक convenient option मिल सकता है। Machine से जुड़ी digital व्यवस्था में samples की जानकारी और geo-tagging जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इससे soil sample को संबंधित location से जोड़कर उसका record व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। Fertilizer calculator जैसी सुविधा मिट्टी की स्थिति और crop की जरूरत के अनुसार fertilizer management का assessment करने में उपयोगी हो सकती है।
ICAR ने लगाई है ‘धरती का डॉक्टर’ पर मुहर
‘धरती का डॉक्टर’ machine की quality और reliability पर देश के agricultural scientists ने भी अपनी मुहर लगाई है। Haryana के Karnal स्थित प्रतिष्ठित Central Soil Salinity Research Institute (ICAR) के experts की team ने इस machine पर गहन testing किया है। Testing में यह देश की अनूठी machine साबित हुई। ICAR institute के scientists के अनुसार, यह देश की ऐसी पहली machine है जो मिट्टी के सभी 12 प्रमुख parameters की पूरी accuracy के साथ जांच करती है। इस certification के मिलने के बाद अब देश की बड़ी government और semi-government companies भी इसे तेजी से अपना रही हैं।

