नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
भारत और बेल्जियम क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भी साथ काम करेंगे। दोनों देशों ने रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा एक एमओयू साइन किया है। इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही बेल्जियम की सेमीकंडक्टर क्षेत्र की विशेषज्ञता और भारत के बड़े बाजार को साथ लाने की कोशिश होगी। दोनों देशों ने अगले पांच साल में व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। दोनों देशों ने व्यापार के साथ-साथ डिफेंस, क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।
सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना है उद्देश्य
क्लीन एनर्जी के क्षेत्र के साथ ही भारत और बेल्जियम ने क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य भविष्य के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना है। वहीं दोनों देश बेल्जियम के आईएमईसी इंस्टिट्यूट को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जोडऩे पर काम करेंगे। इसके अलावा स्टार्टअप, यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
नए अवसरों को कारोबार में बदलने के लिए कई कदम
भारत और बेल्जियम जल्द ही माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के बीच प्रतिभाओं और कुशल लोगों की आवाजाही आसान बनाने में मदद मिलेगी। इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए नए अवसर लेकर आया है। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारत और बेल्जियम अब इन नए अवसरों को कारोबार में बदलने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।
बेल्जियम की कंपनियों के लिए आसान होगा निवेश
भारत ने बेल्जियम की कंपनियों के लिए देश में निवेश को आसान बनाने के लिए इनवेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म स्थापित किया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच इंडिया बेल्जियम बिजनेस फोरम को नियमित तौर पर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। दोनों देश फाइनेंस, फिनटेक और रेगुलेटरी संस्थानों के बीच सहयोग भी बढ़ाएंगे।
रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग
भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा। दोनों देश सैन्य अधिकारियों के बीच संपर्क और ट्रेनिंग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। साथ ही सरकारों और डिफेंस कंपनियों के बीच समझौतों से डिफेंस उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर बन सकते हैं। दोनों देशों की एजेंसियां इंटेलिजेंस शेयरिंग और अपराध से निपटने में भी सहयोग बढ़ाएंगी। इससे सुरक्षा से जुड़े मामलों में दोनों देशों के बीच समन्वय मजबूत होने की उम्मीद है।
दो दशक बाद भारत आए बेल्जियम के पीएम
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आए हैं। फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। खास बात यह है कि करीब दो दशक बाद बेल्जियम के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा हुई है। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन सहित कई अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि भी भारत आए हैं।
भारत-बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी: मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने वेवर का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनकी पहली भारत यात्रा जरूर है, लेकिन भारत से उनका परिचय पुराना है। वे लंबे समय तक एन्टवर्प के मेयर रहे हैं और उन्होंने एन्टवर्प के बड़े भारतीय समुदाय और भारत-बेल्जियम हीरे का व्यापार को हमेशा समर्थन दिया है। भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी है। पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है। आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच आपसी गहरे संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।

