जयपुर | बिजनेस रेमेडीज़
जयपुर के झोटवाड़ा स्थित गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल में देशभक्ति, उत्साह एवं उल्लास से परिपूर्ण वातावरण में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतितियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, स्वतत्रंता सेनानियों के त्याग और देश के प्रति अपने सम्मान की भावना को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक शुभम शर्मा तथा प्रधानाचार्या पूजा शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्ततु पी.टी. प्रदर्शन से हुई। अनुशासन, तालमेल और उत्साह से भरे विद्यार्थियों के प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। पी.टी. के माध्यम से विद्यार्थियों ने शारीरिक स्फूर्ति, अनुशासन और सामूहिक भावना का सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन निशा शर्मा ने किया। वहीं मंच पर वक्ता के रूप में बुशरा भाटी ने अपनी प्रभावशाली वाणी से कार्यक्रम को जीवतं बनाए रखा। उनके ओजपूर्ण एवं उत्साहवर्धक संबोधन ने विद्यार्थियों में जोश और राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया। मंच संचालन के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रस्तुतियों को सदुंर ढंग से जोड़ा तथा स्वतंत्रता दिवस के महत्व को प्रभावशाली शब्दों में प्रस्ततु किया। प्राथमिक कक्षाओं के नन्हें विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्ततिुतियों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने मीनाक्षी के निर्देशन में तैयार की गई ‘मेरा जूता है जापानी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। प्रस्तुति में विद्यार्थियों के उत्साह, आत्मविश्वास और शानदार तालमेल ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। नन्हें बच्चों ने ‘संदे से आते हैं’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी। नन्हें विद्यार्थियोंं के आत्मविश्वास, उत्साह और आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में देश के प्रति प्रेम के साथ-साथ भारतीय सस्ंकृति की सुंदर झलक भी देखने को मिली। साथ ही सब-जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियोंं ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने ‘फिर भी दिल है हिंदुस्ुतानी’ तथा ‘मेरा हिमालय ऊँचा रहेगा’ जैसे देशभक्ति गीतों पर आकर्षक नत्ृय प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्ततिुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि देश की युवा पीढ़ी भारत की समद्ध विरासत, संस्कृति और राष्ट्र की एकता के प्रति पूरी तरह
जागरूक है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियोंं ने भी अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पारुल, तन्मय, आयास, वेदांश, आराध्या, शौर्य एवं परीशा द्वारा प्रस्ततु विभिन्न कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। विद्यार्थियोंं की प्रस्तुतियों में राष्ट्र के प्रति सम्मान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की स्मृति तथा देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आशावादी सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी। वरिष्ठ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रस्तुुति कौशल की सभी ने सराहना की।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका प्रीति सोनी ने विद्यार्थियोंं को स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए लंबे संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान तथा स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को समझने और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी संदेश देती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रा भुवी ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक सक्षिंप्त एवं प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विद्यार्थियोंं से राष्ट्रहित में सकारात्मक कार्य करने और देश की प्रगति में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या पूजा शर्मा ने विद्यार्थियोंं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान तभी संभव है, जब हम अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनशुासन, सकारात्मक सोच एवं जिम्मेदारी को अपने जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्या ने विशेष रूप से वर्तमान समय में युवाओं के बीच बढ़ती सोशल मीडिया की निर्भरता का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियोंं को इसके अत्यधिक उपयोग से बचने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और इस ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, रचनात्मक गतिविधि यों, खेल, कौशल विकास तथा समाज और राष्ट्र के हित में किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियोंं को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में समय व्यर्थ करने के बजाय अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने तथा अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

