New Delhi: Tata Sons के Chairman N. Chandrasekaran के भविष्य को लेकर Tata Group में अनिश्चितता बढ़ती नजर आ रही है। Reports के मुताबिक, Chandrasekaran ने अपने करीबी सहयोगियों के साथ 18 अगस्त को होने वाली Annual General Meeting यानी AGM से पहले पद छोड़ने की संभावना पर चर्चा की है।
Reappointment पर टिकी Chairman की कुर्सी
Chandrasekaran का मौजूदा कार्यकाल Chairman के रूप में फरवरी 2027 तक है। हालांकि, इस पद पर उनकी निरंतरता Tata Sons के Director के रूप में दोबारा नियुक्त होने पर निर्भर करती है। Company के AGM Notice के अनुसार, Shareholders 18 अगस्त को उनकी Reappointment पर मतदान करेंगे।
Shareholder Vote से पहले इस्तीफे पर विचार
Reports में Sources के हवाले से कहा गया है कि Chandrasekaran इस बात पर विचार कर रहे हैं कि उनके भविष्य का फैसला विवादित Shareholder Vote से हो, उससे पहले ही वह इस्तीफा दे दें। हालांकि, Tata Sons ने इन Reports पर अभी तक कोई आधिकारिक Statement जारी नहीं किया है।
Noel Tata से मतभेद की चर्चा
मामले की पृष्ठभूमि में Tata Trusts के Chairman Noel Tata और Chandrasekaran के बीच मतभेद बताए जा रहे हैं। Tata Trusts, Tata Sons की प्रमुख Shareholder है। Reports के अनुसार, फरवरी में Tata Sons Board ने Chandrasekaran की Reappointment पर फैसला टाल दिया था। बताया गया कि Noel Tata ने Group के कुछ नए Businesses के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई थी।
Tata Group Stocks पर दबाव
इन खबरों के बाद बुधवार सुबह Tata Group की कई Listed Companies के Stocks में Selling Pressure दिखा। Tata Consumer Products में 1 प्रतिशत से अधिक, जबकि TCS में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। Titan Company और Tata Power के Shares भी लगभग 1 प्रतिशत नीचे कारोबार करते नजर आए।
लंबा रहा Tata Group से सफर
Chandrasekaran ने 1987 में Tata Group जॉइन किया था। वह 2009 में Tata Consultancy Services के CEO बने और 2017 में Tata Sons के Chairman की जिम्मेदारी संभाली।

