सोना और चांदी के दामों में Stock Market के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोने में मुनाफावसूली के कारण हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ कारोबार करती रही। बाजार की धारणा को इस उम्मीद से समर्थन मिला कि Fed फिलहाल ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की जल्दबाजी नहीं करेगा। एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा अनुबंध की शुरुआत ₹.1,43,882 प्रति 10 ग्राम पर हुई, जो पिछले बंद भाव ₹.1,44,430 की तुलना में ₹.548 या 0.37 प्रतिशत कम रही।
सुबह लगभग 10:40 बजे सोना ₹.1,43,797 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.633 या 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। कारोबार के दौरान सोना ₹.1,43,771 के निचले स्तर तक फिसला, जहां इसमें ₹.659 या 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, सत्र के दौरान इसने ₹.1,44,448 का उच्च स्तर भी छुआ। दूसरी ओर, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी के वायदा अनुबंध ने बेहतर प्रदर्शन किया। कारोबार के दौरान चांदी 0.84 प्रतिशत तक उछलकर लगभग ₹.2,000 की बढ़त के साथ ₹.2,32,339 प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। सुबह के कारोबार में चांदी ₹.2,30,790 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जो पिछले बंद भाव की तुलना में ₹.406 या 0.18 प्रतिशत अधिक थी। कारोबार के दौरान चांदी का निचला स्तर ₹.2,30,513 रहा। इससे पहले चांदी की शुरुआत ₹.2,31,196 प्रति किलोग्राम पर हुई थी, जो पिछले बंद भाव ₹.2,30,384 की तुलना में ₹.812 या 0.35 प्रतिशत अधिक थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,076 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, Comex में सोने की कीमतें पिछले कारोबारी सत्र के 4,115 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। निवेशकों की नजर अब अमेरिका की Non-Farm Payrolls रिपोर्ट पर है, जिससे Fed की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर नए संकेत मिल सकते हैं।
हालांकि, अमेरिका के रोजगार संबंधी आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से सोने में गिरावट सीमित रही। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में महंगाई को लेकर नरम होती उम्मीदों के कारण चांदी की तेजी आगे भी बनी रह सकती है। इसके अलावा Fed के अध्यक्ष की ओर से ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी की आवश्यकता नहीं होने संबंधी टिप्पणी ने भी चांदी के प्रति निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

