नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) या द्विपक्षीय व्यापार समझौता सोमवार को लागू हो गया है। इससे भारत के किसानों समेत छोटे व्यापारियों के लिए मौके बढ़ेंगे। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal की ओर से दी गई।
निर्णायक मील का पत्थर होगा साबित
Piyush Goyal ने Social Media Platform X पर इस समझौते को प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस मिशन में एक निर्णायक मील का पत्थर बताया, जिसका उद्देश्य नए बाजार खोलकर, निर्यात को बढ़ावा देकर, निवेश आकर्षित करके और रोजगार सृजन में तेजी लाकर छात्रों, कारीगरों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए समृद्धि के वैश्विक मार्ग तैयार करना है।
सौ फीसदी शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच होगी प्राप्त
CEPA के लागू होने से Oman में भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को कवर करने वाली 98 प्रतिशत Tariff Lines पर तुरंत 100 प्रतिशत Duty-Free Market Access प्राप्त हो जाती है, जबकि CEPA से पहले की प्रणाली में केवल 15.3 प्रतिशत निर्यात पर Zero Duty Access थी।
बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की होगी संभावना
Piyush Goyal ने कहा कि इससे Oman में 5 प्रतिशत Import Duty वाले लगभग 3.64 अरब डॉलर के निर्यात वाले सामान अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे। इस समझौते के बाद, लौह और इस्पात, वस्त्र, चमड़ा, ऑटो कंपोनेंट्स और औद्योगिक उपकरण जैसे छोटे व्यवसायों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की संभावना है।
प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ेगा उत्पादन और होंगे रोजगार सृजित
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि Oman को वस्त्र निर्यात में वृद्धि से Tiruppur, Surat, Ludhiana, Panipat, Coimbatore, Karur, Moradabad, Jaipur और Ahmedabad जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार सृजित होंगे। भारत के कारीगरों और बुनकरों को भी अपने उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से लाभ होगा।
सभी प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर मिलेगी शुल्क छूट
इस समझौते के तहत रत्न एवं आभूषण, वस्त्र, चमड़ा, जूते, खेल सामग्री, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और ऑटोमोबाइल सहित सभी प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर पूर्ण शुल्क छूट दी गई है।
भारत अपनी कुल शुल्क श्रेणियों में से 77.79 प्रतिशत पर शुल्क उदारीकरण की पेशकश कर रहा है, जो मूल्य के हिसाब से Oman से भारत के आयात का 94.81 प्रतिशत है। Oman को निर्यात के लिए महत्वपूर्ण और भारत के लिए संवेदनशील उत्पादों के लिए यह पेशकश मुख्य रूप से Tariff Rate Quota (TRQ) आधारित है।
संवेदनशील उत्पादों को बिना किसी रियायत के समझौते से रखा बाहर
अपने हितों की रक्षा के लिए भारत ने संवेदनशील उत्पादों को बिना किसी रियायत के इस समझौते से बाहर रखा है। इसमें विशेष रूप से कृषि उत्पाद, जिनमें डेयरी, चाय, कॉफी, रबर और तंबाकू उत्पाद शामिल हैं। वहीं अन्य में सोना और चांदी, आभूषण और श्रम-प्रधान उत्पाद जैसे जूते, खेल सामग्री और कई आधार धातुओं का स्क्रैप शामिल है।

