अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर देखने को मिला। मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका की सेना द्वारा दक्षिणी ईरान में नए हमले किए जाने के बाद निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई, जिससे कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव बना रहा। एमसीएक्स पर सोना वायदा 5 जून की अवधि के लिए लगभग सुबह 10:25 बजे ₹.971 की गिरावट के साथ ₹.1,58,110 पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह करीब 0.61 प्रतिशत की कमजोरी रही। कारोबार के दौरान सोना ₹.1,58,000 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव ₹.1,59,081 से ₹.1,000 से अधिक कम था। वहीं दिन के दौरान इसका उच्चतम स्तर ₹.1,58,789 रहा। चांदी में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। एमसीएक्स पर 3 जुलाई की चांदी वायदा कीमत लगभग 2 प्रतिशत तक फिसल गई। कारोबार के दौरान चांदी ₹.2,71,972 के निचले स्तर तक पहुंची। बाद में यह ₹.4,708 की गिरावट के साथ ₹.2,72,008 पर कारोबार करती दिखाई दी। दिन के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर ₹.2,74,727 रहा, जो फिर भी पिछले स्तर से नीचे बना रहा।
जानकारों के अनुसार अमेरिका की ओर से दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और नौकाओं पर किए गए हमलों के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। अमेरिका ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया है। दूसरी तरफ ईरान और कतर के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर बातचीत भी जारी है, लेकिन तनाव कम होने के संकेत फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एमसीएक्स सोना ₹.1,58,000 के ऊपर बना हुआ है, जिससे बाजार में सतर्क रुख दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक ₹.1,59,000 से ₹.1,59,500 का स्तर निकट प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि कीमतें इस स्तर के ऊपर टिकती हैं तो सोना ₹.1,60,000 से ₹.1,60,500 तक जा सकता है। वहीं नीचे की ओर ₹.1,58,000 से ₹.1,57,500 का स्तर टूटने पर गिरावट बढ़कर ₹.1,56,000 से ₹.1,55,000 तक पहुंच सकती है।
चांदी के बारे में विशेषज्ञों ने बताया कि यह फिलहाल ₹.2,73,000 के आसपास टिके रहने की कोशिश कर रही है। ₹.2,75,000 के ऊपर मजबूती मिलने पर इसमें सुधार होकर ₹.2,77,000 से ₹.2,78,000 तक की तेजी देखी जा सकती है। वहीं ₹.2,72,000 का स्तर प्रमुख सहारा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश की मांग और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा तय करेंगे। इस बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी लौट आई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर करीब 94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

