भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओटावा में उच्चस्तरीय व्यापार वार्ताओं के बाद अब टोरंटो में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक बैठकें शुरू की हैं। 26 May से 27 May तक चलने वाले इस कार्यक्रम में उद्योग गोलमेज बैठकें और B2B संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को वास्तविक कारोबारी समझौतों में बदलना है।
यह दौरा March2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद तय किए गए साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वर्ष2025 के मध्य से ही दोनों देशों के बीच लगातार उच्चस्तरीय वार्ताएं जारी हैं और अब इन्हें व्यापारिक परिणामों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8.5अरब डॉलर के स्तर पर है। दोनों देशों की सरकारों ने इसे वर्ष2030 तक बढ़ाकर 50अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह दौरा आयोजित किया गया है। पीयूष गोयल कनाडा पहुंचे तो उनके साथ अब तक का सबसे बड़ा भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। इस प्रतिनिधिमंडल में 100से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह कदम भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को पूरी तरह पुनर्जीवित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
तीन दिवसीय कनाडा दौरे के दौरान भारत और कनाडा के बीच व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी CEPA को जल्द अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत तेज की जा रही है। ओटावा में पीयूष गोयल ने कनाडा के कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के दौरान पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा की और CEPA समझौते को जल्द पूरा करने को लेकर आशावाद जताया।
मार्क कार्नी ने कहा कि भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे विशाल नए बाजार खुलेंगे और व्यापारिक अवसरों में तेजी आएगी। पीयूष गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनींदर सिद्धू के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान भारत-कनाडा CEPA वार्ता को आगे बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह समझौता दोनों देशों के कारोबार और नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा तथा आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पीयूष गोयल ने कनाडा के कृषि एवं कृषि-खाद्य मंत्री हीथ मैकडोनाल्ड से भी मुलाकात की। बैठक में खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और कृषि प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ हुई बैठक में भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग की अहमियत पर चर्चा हुई। पीयूष गोयल ने भारत में तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उपभोक्ता क्षेत्रों को कनाडाई निवेश के लिए बड़े अवसरों वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश और सहयोग से दोनों देशों को व्यापक आर्थिक लाभ मिल सकता है।

