भारत की प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा कंपनी Adani Green Energy ने गुजरात के खावड़ा में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रणाली को चालू कर दिया है। कंपनी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कुल 3.37 गीगावॉट-घंटा क्षमता वाली बैटरी स्टोरेज प्रणाली अब पूरी तरह संचालन में आ चुकी है। यह चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी स्टोरेज तैनाती मानी जा रही है और इसे सबसे तेज़ गति से पूरा किए गए वैश्विक प्रोजेक्ट्स में भी शामिल किया गया है। कंपनी के अनुसार मार्च 2026 में 1.37 गीगावॉट-घंटा अतिरिक्त क्षमता शुरू की गई थी, जिसके बाद गुजरात के खावड़ा में कुल परिचालन बैटरी स्टोरेज क्षमता बढ़कर 3.37 गीगावॉट-घंटा हो गई है। यह परियोजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है क्योंकि भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए बैटरी स्टोरेज बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।
Sagar Adani ने कहा कि बड़े स्तर पर ऊर्जा भंडारण भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के अगले चरण की दिशा तय करेगा। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है, वैसे-वैसे भरोसेमंद और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने के लिए मजबूत स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आवश्यक होता जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह नई बैटरी स्टोरेज प्रणाली लगभग 10 लाख घरों को पूरे एक दिन तक स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इसके अलावा यह इंदौर, चंडीगढ़ जैसे शहरों या पूरे गोवा राज्य की पीक बिजली मांग को भी संभाल सकती है। कंपनी के मुताबिक यह प्रणाली लगातार 10 घंटे तक 1.2 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब जलाने में सक्षम है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बैटरी स्टोरेज तकनीक भविष्य में ग्रीन पावर को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी। इससे सौर और पवन ऊर्जा आधारित बिजली ग्रिड को संतुलित रखने में सहायता मिलेगी और चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
कंपनी ने बताया कि इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के केवल 10 महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया गया। इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी बैटरी स्टोरेज प्रणाली तैयार करना वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना आधुनिक ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों और लिथियम-आयन बैटरी तकनीक से लैस है, जिससे बिजली वितरण क्षमता, विश्वसनीयता और ग्रिड की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होगी। खावड़ा में स्थित यह परियोजना दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र को और मज़बूत करेगी, जहां Adani Green Energy वर्ष 2029 तक 30 गीगावॉट क्षमता विकसित कर रही है। इसमें से 9.9 गीगावॉट क्षमता पहले ही संचालन में आ चुकी है। कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2027 तक 10 गीगावॉट-घंटा से अधिक अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ी जाएगी। अगले 5 वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 गीगावॉट-घंटा तक पहुंचाने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी और देश की हरित ऊर्जा क्षमता तेज़ी से आगे बढ़ेगी।

