Sunday, August 9, 2026 |
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नीति आयोग ने जारी किया भारत की स्कूल शिक्षा व्यवस्था सुधारने का विस्तृत रोडमैप, डिजिटल शिक्षा और AI पर विशेष जोर

by Business Remedies
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NITI Aayog Released Detailed Policy Roadmap For India School Education System Improvement

भारत की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नीति आयोग ने देश के स्कूल शिक्षा तंत्र पर एक विस्तृत नीति रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में अगले10 वर्षों के लिए शिक्षा सुधार का रोडमैप तैयार किया गया है। रिपोर्ट में स्कूलों की पहुंच, नामांकन, आधारभूत ढांचा, समान अवसर, समावेशन और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर जैसे प्रमुख पहलुओं का गहन विश्लेषण किया गया है।

नई दिल्ली में नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने ‘School Education System In India: Temporal Analysis And Policy Roadmap For Quality Enhancement’ शीर्षक वाली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में कुल13महत्वपूर्ण सिफारिशें दी गई हैं, जिनका उद्देश्य देश की स्कूल शिक्षा को अधिक आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। रिपोर्ट की8व्यवस्थागत सिफारिशों में स्कूल ढांचे में सुधार, कॉम्पोजिट स्कूल मॉडल को बढ़ावा देना, साक्ष्य आधारित तर्कसंगत व्यवस्था लागू करना, स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, प्रशासनिक क्षमता बढ़ाना और शिक्षा प्रबंधन में सुधार शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर स्कूल गुणवत्ता टास्क फोर्स गठित करने, स्कूल प्रबंधन समितियों को अधिक प्रभावी बनाने और शिक्षकों की नियुक्ति तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर करने पर जोर दिया गया है।

रिपोर्ट में डिजिटल शिक्षा को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसमें इंटरनेट, कंप्यूटर और स्मार्ट कक्षाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ प्रसारण आधारित शिक्षा को मजबूत करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा शिक्षा में समानता और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए विशेष रणनीतियां प्रस्तावित की गई हैं। शैक्षणिक स्तर पर 5 मुख्य सिफारिशों में शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव, बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना, विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना शामिल है। रिपोर्ट में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को स्कूल शिक्षा से जोड़ने, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को मजबूत करने और शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के उपयोग को बढ़ाने की भी बात कही गई है।

यह रिपोर्ट UDISE+2024-25, PARAKH Rashtriya Sarvekshan2024, NAS2017और2021 तथा ASER2024  जैसे विभिन्न सर्वेक्षणों और आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इसके अलावा फरवरी2025में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के सुझावों को भी इसमें शामिल किया गया, जिसमें150से अधिक विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।

रिपोर्ट के अनुसार भारत का स्कूल शिक्षा तंत्र दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा तंत्र बन चुका है। वर्तमान में देश में 14.71 लाख स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें 24.69 करोड़ से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। रिपोर्ट में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों में बिजली, शौचालय और समावेशी सुविधाओं जैसी आधारभूत व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्ट क्लासरूम की पहुंच तेजी से बढ़ी है।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि लड़कियों की शिक्षा में भागीदारी बढ़ी है और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों का नामांकन भी विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर बेहतर हुआ है। इससे शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर और समावेशन को मजबूती मिली है। रिपोर्ट में 13 सिफारिशों को लागू करने के लिए33कार्यान्वयन मार्ग भी सुझाए गए हैं। इन्हें अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक चरणों में विभाजित किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से तय की गई हैं।



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