Friday, July 3, 2026 |
Home Business and Economyपश्चिम एशिया तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये पर दबाव बढ़ा

पश्चिम एशिया तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये पर दबाव बढ़ा

by Business Remedies
0 comments
Crude Oil Prices Falling Amid West Asia Tension

मुंबई,

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के और तेज होने के बावजूद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखी गई। यह संघर्ष अब अपने तीसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक कमी आई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल 1.36 प्रतिशत गिरकर 112.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 2.34 प्रतिशत गिरकर 103.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल का वायदा (18 जून) 1.12 प्रतिशत या ₹.109 घटकर ₹.9,578 पर कारोबार करता नजर आया। इससे पहले के सत्र में कीमतों में तेज उछाल देखा गया था, जिसके बाद अब कुछ राहत मिली है।

अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव जारी है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। पिछली रात वैश्विक कच्चा तेल कीमतें लगभग 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इस बीच भारतीय मुद्रा रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली। रुपया 22 पैसे की गिरावट के साथ अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब खुला। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.31 पर कारोबार करता नजर आया, जबकि पिछले सत्र में यह 95.09 के स्तर पर बंद हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अमेरिका की गतिविधियों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच होरमुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष बढ़ गया है, जो वैश्विक बाजारों के लिए एक अहम मार्ग है और जहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत दैनिक तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है। खाड़ी क्षेत्र में दोनों पक्षों द्वारा हमले किए जाने से यह क्षेत्र एक संवेदनशील केंद्र बन गया है और संघर्षविराम टूटने की आशंका भी बढ़ गई है।

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार होरमुज क्षेत्र में संघर्ष फिर से शुरू होना और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों का फिर से 113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचना बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। हाल ही में मिसाइल और ड्रोन हमले उस समय हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फंसे हुए टैंकरों और मालवाहक जहाजों को सुरक्षा देने का कदम उठाया। यह जलडमरूमध्य फरवरी से काफी हद तक बाधित रहा है, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ अभियान शुरू किया था।



You may also like

Leave a Comment