Wednesday, August 12, 2026 |
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भारत और अफ्रीकी विकास बैंक के बीच डिजिटल, औद्योगिक और वित्तीय सहयोग को मिला नया विस्तार

by Business Remedies
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India and the African Development Bank Group discuss digital and industrial cooperation

भारत और अफ्रीकी विकास बैंक समूह के बीच सहयोग को डिजिटल बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और वित्तीय क्षेत्रों में और मजबूत किया जा रहा है। यह विस्तार आगामी भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन 2026 की तैयारियों के बीच देखा जा रहा है, जो 31 मई को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन भारत और अफ्रीकी देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

अफ्रीकी विकास बैंक समूह की ‘चार प्रमुख प्राथमिकताओं’ के तहत डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने, वित्तीय प्रणाली को बेहतर बनाने और अफ्रीका में औद्योगिक विकास को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत 1983 से इस बैंक समूह का सदस्य है और अब तक हर सामान्य पूंजी वृद्धि में योगदान देता रहा है, जिससे बैंक की वित्तीय क्षमता में वृद्धि हुई है। भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है और वर्ष 2024-25 में यह लगभग 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। इस वृद्धि में बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की प्रमुख भूमिका रही है।

2020 से 2025 के बीच भारतीय कंपनियों ने अफ्रीकी विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं के तहत 173 अनुबंध हासिल किए हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 760 मिलियन डॉलर है, जो कुल खरीद का 5.3 प्रतिशत है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार हुआ है और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ी है। सितंबर 2024 में अफ्रीकी विकास बैंक के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया था, जिसका उद्देश्य औषधि, कृषि और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नए निवेश अवसरों की खोज करना था।

डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। वर्ष 2023 में भारत ने अफ्रीकी डिजिटल वित्तीय समावेशन सुविधा के लिए 2 मिलियन डॉलर का योगदान दिया था और 2024 में 6 मिलियन डॉलर मूल्य के भारत ट्रस्ट फंड समझौते के तीसरे चरण पर हस्ताक्षर किए गए। इन प्रयासों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली, अंतर-संचालन ढांचे और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।

स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी सहयोग तेज हो रहा है। अफ्रीका के औषधि क्षेत्र में 2030 तक लगभग 111 अरब डॉलर के निवेश अंतर को देखते हुए स्थानीय उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत-अफ्रीका सहयोग से दोनों क्षेत्रों में आर्थिक अवसरों और विकास की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।



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