पिछले पांच दिनों से पड़ रही गर्मी ने प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गर्मी के कारण कूलर और एसी भी ठंडी हवा नहीं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार के समक्ष भी चुनौती सामने खड़ी हो गई है, क्योंकि गर्मी के अभी दो महीने मई व जून अभी शेष है। राज्य सरकारें बिजली कटौती जैसे कदम उठाने पर विचार कर रही है। पर इसे समस्या का समाधान नहीं कह सकते। दो महीने तक अभी अतिरिक्त बिजली पर निर्भर रहना पड़ेगा यानि दिन-रात पंखे, कूलर और एसी चलेंगे। बिजली की खपत ज्यादा होगी। ऐसे में गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्र और राजस्थान सरकार ने विशेष कार्य योजनाएं और पहल की हैं, जिसका उद्देश्य बिना कटौती के निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार 271 गीगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग को पूरा करने के लिए तैयार है और कोयले का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। वहीं राजस्थान सरकार ने 1 अप्रैल से मूंदड़ा पावर प्लांट से 280 मेगावाट बिजली प्राप्त करना शुरू कर दिया है। राजस्थान सरकार केंद्र सरकार के कॉमन पूल से अतिरिक्त बिजली लेने के लिए लगातार संपर्क में है। राजस्थान में 53 नए जीएसएस शुरू किए जा चुके हैं और 150 नए स्टेशनों पर काम जारी है। गर्मी के सीजन से पहले ही राज्य के बिजली संयंत्रों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं सौर ऊर्जा को स्टोर करने के लिए विकेंद्रीकृत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इससे पीक ऑवर्स में निर्बाध आपूर्ति में मदद मिलेगी। वर्ष, 2026-27 के बजट में बीकानेर और जैसलमेर में लगभग 4,830 मेगावाट के सोलर पार्क विकसित करने और ग्रिड को मजबूत करने के लिए 2,900 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने बिजली की मांग को प्रबंधित करने के लिए डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी व डिमांड साइड मैनेजमेंट रेगुलेशन- 2026 लागू किया है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने पर घर के मालिकों को 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी।




