मुंबई: GreenCell Mobility (GCM), जो भारत की एक प्रमुख मोबिलिटी कंपनी है, सुरक्षा, उन्नत तकनीक और परिचालन उत्कृष्टता पर मजबूत ध्यान देते हुए देश में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बना रही है। यह कंपनी Eversource Capital के समर्थन से काम कर रही है और शहरी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में नए मानक स्थापित कर रही है।
जीसीएम की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षा है। कंपनी ने अपनी पूरी व्यवस्था को मजबूत तकनीक और अच्छे प्रबंधन ढांचे पर आधारित किया है। हर इलेक्ट्रिक बस में मल्टी-कैमरा सर्विलांस सिस्टम, रियल-टाइम वाहन की स्थिति की निगरानी, GPS ट्रैकिंग और यात्री सूचना प्रणाली लगी हुई है। इससे बसों की लगातार निगरानी होती है, किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है और यात्रियों का भरोसा भी बढ़ता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में समावेशी सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं जैसे पैनिक बटन, व्हीलचेयर रैम्प, अग्निशामक यंत्र और सीट बेल्ट। महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष आपातकालीन व्यवस्था भी की गई है। बेहतर नियंत्रण के लिए कंपनी ने सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर बनाए हैं, जहां से पूरी बस सेवा की रियल-टाइम निगरानी की जाती है। इसके अलावा, बस चालकों की रोजाना ब्रीद एनालाइजर टेस्ट (अल्कोहल जांच) की जाती है और जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रदर्शन आधारित ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है। कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, जिनमें सुरक्षा प्रशिक्षण, रिफ्रेशर कोर्स, ड्राइवर ट्रेनिंग और बैटरी मैनेजमेंट जैसे सत्र शामिल हैं। इससे पूरी व्यवस्था अधिक सुरक्षित, अनुशासित और भरोसेमंद बनती है।
GreenCell Mobility वर्तमान में 17 शहरों और 5 राज्यों में 1,500 से अधिक आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले समय में अपने नेटवर्क को बढ़ाकर 10 राज्यों के 30 से अधिक शहरों तक पहुंचाना और कुल 4,500 बसों का संचालन करना है। कंपनी की सेवाएं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, दिल्ली, पुडुचेरी और गुजरात जैसे प्रमुख राज्यों में उपलब्ध हैं। हर दिन जीसीएम लगभग 2.75 लाख यात्रियों को यात्रा सुविधा प्रदान करती है और करीब 2.85 लाख किलोमीटर दूरी तय करती है। औसतन प्रत्येक बस प्रतिदिन लगभग 200 किलोमीटर चलती है। कंपनी अपने बेड़े की लगभग 95% उपलब्धता बनाए रखती है, जिससे संचालन लगातार सुचारु रहता है। इसके साथ ही, यह राज्य परिवहन उपक्रमों को पारंपरिक ईंधन वाली बसों की तुलना में लगभग 50% तक ईंधन लागत में बचत करने में मदद कर रही है।
जीसीएम केवल परिवहन सेवा ही नहीं दे रही है, बल्कि देशभर में रोजगार के नए अवसर भी बना रही है। कंपनी अपने पूरे नेटवर्क में बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी दे रही है और खासतौर पर परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने कुशल कर्मचारियों की भर्ती और उन्हें बनाए रखने में काफी निवेश किया है, जिससे सेवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और समुदायों के लिए बेहतर व समावेशी आर्थिक अवसर बने हैं। ग्रीनसेल का लगातार बढ़ता नेटवर्क लाखों यात्रियों को रोजगार, शिक्षा और जरूरी सेवाओं से जोड़ रहा है, जो भारत में एक अधिक समान और सुलभ शहरी परिवहन इकोसिस्टम बनाने की कंपनी की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी का लक्ष्य देश के सार्वजनिक परिवहन को और अधिक बेहतर और उच्च मानकों वाला बनाना है।

