शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते Sensex 983 अंकों की तेज गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। दिनभर बाजार में दबाव बना रहा और अंत में अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। आज की गिरावट में सबसे बड़ा असर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में देखने को मिला। प्रमुख कंपनियों जैसे इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा और सन फार्मा के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार का माहौल कमजोर बना रहा। विशेष रूप से आईटी सूचकांक में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसने पूरे बाजार को नीचे खींचा।
कुछ शेयरों में दिखी मजबूती
हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया, नेस्ले इंडिया, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और आयशर मोटर्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला। बाजार की व्यापक स्थिति भी कमजोर रही। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। इससे यह संकेत मिलता है कि केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटे आकार की कंपनियां भी बिकवाली के दबाव में रहीं। आज लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी के अलावा स्वास्थ्य सेवा, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु, रियल एस्टेट, दूरसंचार, औषधि और मीडिया क्षेत्र के सूचकांक में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इससे यह साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर कमजोरी रही।
निवेशकों में सतर्कता का माहौल
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों की कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में यह गिरावट आई। निवेशक फिलहाल नए निवेश से बचते नजर आ रहे हैं और जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। कुल मिलाकर, आज का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रहा, जहां प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे और निवेशकों की धारणा कमजोर बनी रही।

