Sunday, September 13, 2026 |
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कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद हरे निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की बढ़त

भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला, वैश्विक तनावों के बावजूद सेंसेक्स-निफ्टी में बढ़त

by Business Remedies
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Indian stock market screen showing Nifty and Sensex weekly decline

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनावों के चलते कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम समझौते को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

इस दौरान, बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,631.65 से 489.36 अंक या 0.64 प्रतिशत उछलकर 77,121.01 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 अपने पिछले बंद 23,775.10 से 105.45 अंक या 0.44 प्रतिशत बढ़कर 23,880.55 पर खुला। जबकि बैंक निफ्टी इंडेक्स 360.55 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 55,182.25 पर खुला। हालांकि खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.38 बजे के करीब) सेंसेक्स 497.82 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,129.47 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी50 159.85 अंक यानी 0.67 प्रतिशत बढ़कर 23,934.95 पर था।

व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी मेटल्स, निफ्टी ऑटो, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी फार्मा में 0.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी 50 पैक में श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, आयशर मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, बजाज-ऑटो, बजाज फिनसर्व और एसबीआई के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। वहीं इसके विपरीत इंफोसिस, टीसीएस, सनफार्मा, एचसीएलटेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। एक बाजार विशेषज्ञ ने कहा, “शेयर बाजारों में हमने जो गिरावट देखी है, वह शायद ऊर्जा बाजारों में आए बदलाव और झटके की तुलना में उतनी बड़ी नहीं लगती, लेकिन मुझे लगता है कि यह इस दृष्टिकोण को दर्शाता है कि ऊर्जा की कीमतें नीचे आने की संभावना है। हमारा मूल अनुमान यह है कि अगले तीन से छह महीनों में ऊर्जा की कीमतें धीरे-धीरे कम होती रहेंगी।”

विशेषज्ञ ने आगे कहा कि इसका असर यह हो सकता है कि आर्थिक विकास (ग्रोथ) पर थोड़ा दबाव आए और महंगाई में हल्की बढ़ोतरी हो, लेकिन कुल मिलाकर यह माहौल इक्विटी बाजारों के लिए सकारात्मक बना रहेगा, खासकर जब हम आने वाले अर्निंग सीजन की ओर बढ़ेंगे, जो हमारे अनुसार काफी मजबूत रहने वाला है। एक्सपर्ट ने बताया कि निफ्टी में 23,660 एक अहम सपोर्ट स्तर बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इसके ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी (बुलिश ट्रेंड) कायम रह सकती है और 24,250 तक का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अगर निफ्टी 23,660 के नीचे टूटता है, तो गैप फिलिंग देखने को मिल सकती है, जिससे इंडेक्स 23,200 के स्तर तक गिर सकता है।



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