Monday, July 27, 2026 |
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हॉर्मुज़ तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, युद्धविराम पर अनिश्चितता बरकरार

by Business Remedies
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Oil tankers in the Strait of Hormuz and rising global oil prices

New Delhi,

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम पर संदेह के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को तेज उछाल दर्ज किया गया। खासतौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में आपूर्ति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजार में चिंता का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कीमत लगभग 3.31 प्रतिशत बढ़कर 97.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल करीब 4.2 प्रतिशत बढ़कर 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया। एक दिन पहले ही कच्चे तेल के प्रमुख मानक लगभग 20 प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गए थे। यह गिरावट इस उम्मीद पर आई थी कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम से तनाव कम होगा और हॉर्मुज़ मार्ग फिर से खुल जाएगा। हालांकि, ताजा घटनाक्रम ने इस उम्मीद को झटका दिया है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बना मुख्य केंद्र

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देशों जैसे इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर से वैश्विक बाजारों तक आपूर्ति का अहम मार्ग है। इस क्षेत्र में जारी संघर्ष ने इसे फिर से केंद्र में ला दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल द्वारा लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर हमलों से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। इसके अलावा कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका और बढ़ गई है।

शिपिंग कंपनियों में असमंजस

जहाजरानी कंपनियों का कहना है कि वे इस मार्ग से फिर से संचालन शुरू करने से पहले युद्धविराम की शर्तों को लेकर स्पष्टता चाहती हैं। ईरान ने जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिखाने के लिए नक्शे जारी किए हैं और अपने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मिलकर सुरक्षित रास्ते तय किए हैं। साथ ही, क्षेत्रीय तेल संरचना भी खतरे में बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने पड़ोसी देशों में कुछ तेल स्थलों को निशाना बनाया है, जिसमें सऊदी अरब की एक पाइपलाइन भी शामिल है, जिसका उपयोग हॉर्मुज़ मार्ग के विकल्प के रूप में किया जाता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। वैश्विक तनाव का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। भारत में प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही, जहां जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक करीब 1 प्रतिशत तक नीचे रहे।



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